जीआईसी चौमेल से धोखाधड़ी कर 25 हजार के स्थान पर बैंक से सात लाख 25 हजार रुपये का फर्जी भुगतान कराकर फरार हुए बाबू मनीष कलौनी के मामले की जांच डीएम ने रेगुलर पुलिस को सौंप दी है। एसआई मीनाक्षी नौटियाल को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। अलबत्ता एक माह से अधिक का समय बीतने के बाद भी फरार बाबू का पता नहीं चला है।
जीआईसी चौमेल के बाबू मनीष कलौनी ने 18 सितंबर को रमसा के तहत 25 हजार के भुगतान का चेक काटकर प्रधानाचार्य डीसी आर्या और एसएमसी अध्यक्ष दीवान सिंह बिष्ट से हस्ताक्षर कराए थे। बाद में उसने चेक में 25 हजार के आगे सात जोड़कर सवा सात लाख रुपये का फर्जी तौर पर भुगतान प्राप्त किया और फरार हो गया। मामले में प्रधानाचार्य की ओर से बाबू के खिलाफ पट्टी पटवारी मंगोली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
यह मामला राजस्व पुलिस क्षेत्र का होने के कारण अब तक इसमें कोई प्रगति नहीं हुई है। अब डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी की ओर से मामले की जांच राजस्व पुलिस के स्थान पर रेगुलर पुलिस को सौंप दी है। पुलिस ने अब इसकी जांच में तेजी लाने का दावा किया है। उधर, बाबू के नहीं होने से कॉलेज के कार्यालय का कार्य प्रभावित हो रहा है। स्वयं प्रधानाचार्य कार्यालय का कार्य निपटा रहें हैं।