अंबेडकर छात्रावास में घटिया भोजन देने एवं मैस संचालक की मनमानी के विरोध में छात्रों का भोजन का बहिष्कार जारी है। छात्रों ने दूसरे दिन भी अव्यवस्था को लेकर नारेबाजी की और आक्रोश जताया। यहां अधिकांश छात्र गरीब परिवारों के हैं। बुधवार रात से उन्होंने मैस का खाना छोड़ दिया है। अब वह अपनी व्यवस्था से जैसे-तैसे स्वयं खाना बनाकर खा रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक मौजूदा ठेकेदार को नहीं हटाया जाता, वे मैस का भोजन नहीं करेंगे। साथ ही उन्होंने समाज कल्याण अधिकारी से अनुरोध किया है कि शासन से प्रतिछात्र भोजन के लिए दी जाने वाली राशि उन्हें उपलब्ध की जाए, ताकि वे नई व्यवस्था होने तक स्वयं भोजन बना सकें।
शुक्रवार को बच्चों ने इधर-उधर से बर्तनों की व्यवस्था कर खाना बनाया, लेकिन अभी उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया है। प्रशांत कुमार, हेमंत कुमार, रवि शंकर, कैलाश राम, संजय कुमार, सूरज कुमार, हिमांशु आर्या, कैलाश कुमार, रोहित आर्या, दीपक कुमार, विजय टम्टा, सुनील कुमार, किशोर कुमार, विमल, नीरज आदि ने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों से वह ठेकेदार का उत्पीड़न बर्दाश्त करते आ रहे हैं। उधर, जिला समाज कल्याण अधिकारी पीसी जोशी ने कहा कि मैस की नई व्यवस्था के लिए टेेंडर आमंत्रित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले 53 रुपये प्रति छात्र प्रति दिन शासन की ओर से नियत किया गया था, जिसमें वृद्धि कर अब 69 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है।