प्रोटेक्शन चिल्ड्रेन सेक्सुवल औफेंस (पॉक्सो) अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले की सुनवाई करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश बीएस दुग्ताल ने आरोपी को एक वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पर दो हजार पांच सौ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, जिसकी अदायगी न किए जाने पर दस दिन का साधारण कारावास भोगना होगा। मामले में अभियुक्त की पत्नी को दोषमुक्त किया गया है।
यूपी के बिजनौर नजीबाबाद निवासी 15 वर्षीय युवती ने जगमोहन सिंह उर्फ जग्गू जेपी निवासी सेरी कमदार, वड्डा पिथौरागढ़ और उसकी पत्नी के खिलाफ इस वर्ष 29 मार्च को बहला-फुसला कर ट्रेन से ले जाने और जबरन अपने घर में रोकने की तहरीर टनकपुर थाने में दर्ज कराई थी। जिसकी विवेचना के बाद 31 मार्च को पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला पंजीकृत कर उन्हें हिरासत में ले लिया।
मामले की सुनवाई करते हुए जिला सत्र न्यायाधीश ने जगमोहन उर्फ जग्गू को धारा 11(1)/ 12 पॉक्सो अधिनियम में दोषी पाते हुए एक वर्ष सश्रम कारावास और ढाई हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जेल में बिताई गई अवधि सजा में शामिल रहेगी। न्यायिक अभिरक्षा में आरोपी की पत्नी को न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुनील खर्कवाल ने पैरवी की।