चंपावत। जिला अस्पताल के लिपिक खीम सिंह के सरकारी आवास में हुई चोरी का 16 दिन बाद भी खुलासा नहीं हो सका है। चोरों को दबोचने के लिए पुलिस ने तीन टीमें गठित की, मगर तीनों टीमों के हाथ खाली है।
चंपावत जिला अस्पताल में तैनात लिपिक खीम सिंह बिष्ट के अस्पताल कॉलोनी स्थित आवास का ताला तोड़कर चोरों ने 24 सितंबर की रात को दो लाख रुपये से अधिक के आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया था। चोरी के आरोप में कोतवाली ने अज्ञात चोरों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 457 व 380 के तहत मामला दर्ज किया था।
कोतवाल सलाउद्दीन खान ने बताया कि मामले की जांच का जिम्मा बाजार चौकी के प्रभारी जगत सिंह सामंत को सौंपा गया है। खुलासे के लिए स्पेशल आपरेशन ग्रुप (एसओजी) प्रभारी विनोद यादव, एसएसआई आरएस डांगी व दरोगा ललित मोहन पांडेय के नेतृत्व में तीन टीमें बनाई गई हैं, लेकिन 16 दिन बाद भी मामले का खुलासा नहीं हो सका।
एक हफ्ते के लिए टाला अस्पताल का कार्य बहिष्कार
चंपावत। जिला अस्पताल के लिपिक खीम सिंह के घर पर हुई चोरी का खुलासा न होने से नाराज जिला अस्पताल के चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों का 10 अक्तूबर को प्रस्तावित वाह्य रोगी कार्य (ओपीडी) का बहिष्कार टाल दिया गया है। यह निर्णय सोमवार को मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. आरके जोशी व डॉ. एचसी त्रिपाठी की मौजूदगी में हुई डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों की बैठक में लिया गया। बैठक से पूर्व पुलिस के सीओ पीएस कफलिया और कोतवाल सलाउद्दीन खान ने अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी देने के साथ जल्द आरोपियों को दबोचने का भरोसा दिलाया।
फार्मेसिस्ट मुकुल कुमार राय के संचालन में हुई बैठक में त्रिभुवन कोठारी, फार्मेसिस्ट विष्णु गिरि गोस्वामी, तान सिंह आदि ने पुलिस के आश्वासन के बाद कार्य बहिष्कार को स्थगित कर दिया। 16 अक्तूबर को होने वाली कर्मियों की बैठक में आगे निर्णय लेने की बात कही।