चंपावत। टनकपुर और पिथौरागढ़ के बीच निर्माणाधीन बारहमासी सड़क पर काम कर रहीं कंपनियां मानकों को ताक पर रखकर सरकार को करोड़ों के राजस्व का चूना लगा रहीं हैं। यह काम ऊंची पहुंच रखने वाले कुछ सफेदपोशों की शह पर खूब पनप रहा है। मंगलवार को चंपावत पुलिस ने चेकिंग के दौरान ऐसे ही मामले पकड़े।
मंगलवार को पुलिस टीम उप निरीक्षक ज्योति प्रकाश के नेतृत्व में विभिन्न स्थानों को जा रहे खनन वाहनों की जांच कर रही थी। पुलिस ने तीन डंपर को मौके पर पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक इन वाहनों में खनिज सामग्री लदी थी। चालकों के पास रवन्नों से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं था। इन वाहनों में तय मानकों से दोगुना माल लोड किया गया था। चालकों ने पुलिस को एक अनुमति पत्र दिखाया, जो एक कंपनी की ओर से जारी किया गया था। इसमें खुद कंपनी ने तीन वाहनों को जिले में सड़क निर्माण कार्य के लिए सामग्री ढोने की अनुमति प्रदान की थी। अनुमति पत्र में कंपनी की मुहर भी लगी हुई थी।
चालकों के मुताबिक वे इस खनिज सामग्री को चल्थी स्थित एक क्रशर से लोहाघाट ले जा रहे थे। पुलिस ने सभी वाहनों को कब्जे में लेकर चालकों से पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक वाहन पकड़े जाने का मामला सामने आते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के फोन घनघनाने लगे थे। पुलिस अधिकारियों पर वाहन छोड़ने का दबाव डाला जा रहा है। पकड़े गए चालक भी माल कुछ नेताओं का होने की बात कह रहे थे। पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल ने बताया कि जिले में अवैध खनन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोई भी हो अवैध कार्य करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बारहमासी सड़क पर लगी कार्यदायी कंपनियां खनन सामग्री ढोने के लिए नियमों को ताक पर रख रहीं हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं। - सीमा विश्वकर्मा, एसडीएम चंपावत।