चंपावत। पुलिस और एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) की संयुक्त टीम ने बाघ की खाल समेत एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी को शुक्रवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में पेश किया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र सिंह गुंज्याल ने बताया कि बृहस्पतिवार दोपहर एसओजी और पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर रैंगल बैंड से मनोज बिष्ट निवासी मानाघेर, सुंदरखाल, मुक्तेश्वर को बाघ की खाल के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ में मनोज बिष्ट ने बताया कि वह खाल को बेचने के लिए ले जा रहा था। एसपी ने बताया कि बरामद खाल की लंबाई आठ फुट है। वन दरोगा विद्या दत्त जोशी ने बताया कि खाल करीब तीन माह पुरानी है।
उन्होंने बाघ की उम्र छह साल होने की संभावना जताई है। बाद में मनोज बिष्ट के खिलाफ वन्य जंतु अधिनियम 1972 की धारा 9/41/42/51/ के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया। मनोज को शुक्रवार को सीजेएम की अदालत में पेश किया जाएगा। टीम में एसओजी प्रभारी ललित पांडेय, पाटी के थाना प्रभारी पीआर विश्वकर्मा, कांस्टेबल धर्मवीर सिंह, मनोज बेरी, संजय दौसाद, दर्शन सिंह और इंद्र सिंह शामिल थे। वहीं, एसपी धीरेंद्र सिंह गुंज्याल ने खाल तस्कर को पकड़ने वाली एसओजी और पुलिस टीम को 2500 रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। एसपी ने बताया कि आरोपी मनोज पूर्व में भी खाल तस्करी में लिप्त रहा है। हालांकि उसके खिलाफ पूर्व में कोई मामला दर्ज नहीं है। खाल तस्कर की कुंडली खंगाली जा रही है।
चार सालों में खाल बरामदगी की पांचवीं घटना
चंपावत। बीते चार सालों में खाल बरामदगी की पांच घटनाएं हुई हैं। एसपी धीरेंद्र सिंह गुंज्याल ने बताया कि अगस्त 2014 में चंपावत रोडवेज स्टेशन से और सितंबर 2014 में ही टनकपुर से एक व्यक्ति को बाघ की खाल के साथ गिरफ्तार किया था। वर्ष 2017 में चल्थी से एक तस्कर को बाघ की तीन खालों के साथ पकड़ा था, जबकि दिसंबर 2017 में आठ किलो बाघ की हड्डी और एक खाल के साथ तस्कर पकड़ा गया था। इसके अलावा जनवरी 2018 में बनबसा से एक नेपाली से बाघ की खाल बरामद हुई थी।