चंपावत। विशेष सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल की अदालत दो नाबालिग बेटियों और बेटे से यौन शोषण के दोषी पिता को 30 साल कठोर कारावास की सजा और 1.25 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत ने चार साल पुराने मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद दोषी पिता को दो नाबालिग बेटियों और एक बेटे से यौन शोषण करने का दोषी पाया। उसे 30 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई। सितंबर 2021 में बनबसा पुलिस को जगबुढ़ा पुल के पास एक 15 वर्षीय बालिका घूमती मिली।
पुलिस ने नाबालिग बालिका को रीड्स संस्था के सुपुर्द किया। संस्था की ओर से की गई काउंसलिंग में बालिका ने बताया कि उसका पिता उसके अलावा उसकी 13 वर्षीय बहन और दस वर्ष के भाई का यौन शोषण करता है। इसके बाद रीड्स संस्था ने 45 वर्षीय आरोपी पिता के खिलाफ बनबसा थाने में 376, 323, 504, 506 और लैंगिक हिंसा से बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया।