फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना पॉजिटिव बच्चे को लेकर दो अस्पतालों में रस्साकशी

विज्ञापन
विज्ञापन
चंपावत। पाटी ब्लॉक निवासी कोरोना संक्रमित नौ साल के बच्चे को कहां आइसोलेट किया जाना है, इसे लेकर दो सरकारी अस्पतालों के बीच घंटों खींचतान मची है। बच्चे के पॉजिटिव आने पर शनिवार शाम को पाटी के सीसीसी (कोविड केयर सेंटर) से बच्चे को एंबुलेंस से चंपावत जिला अस्पताल के सीडीएच (कोविड डेडिकेटेड अस्पताल) भेज दिया गया। मगर अस्पताल ने नियमों का हवाला देते हुए बच्चे को भर्ती करने से इंकार कर दिया।
विज्ञापन

पाटी के प्रभारी डॉ. आभाष सिंह ने कोरोना पॉजिटिव (एसिंटोमैटिक) आने पर बच्चे को आशा कार्यकर्ता कविता बोहरा और प्रधान कविता देवी के साथ जिला अस्पताल भेज दिया। प्रधान का कहना है कि शाम 5.30 बजे यहां पहुंचने पर अस्पताल की ओर से वापस पाटी जाने को कह दिया गया। आशा कार्यकर्ता ने पाटी अस्पताल और प्रशासन को वाकये की जानकारी दी लेकिन खबर लिखे जाने तक मामले का समाधान नहीं हो सका था। डॉ. सिंह का कहना है कि बेहतर सुविधा लिए बच्चे को जिला अस्पताल भेजा गया है।
वहीं जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. आरके जोशी का कहना है कि अस्पताल के कोविड वार्ड में एक लड़की सहित चार लोग भर्ती हैं। ऐसे में पॉजिटिव बच्चे के साथ पिता को रखना जोखिमभरा है। अस्पताल ने नियम के तहत बच्चे को पाटी के लिए भेजा है। नियम के तहत बच्चे को पाटी ही आइसोलेट किया जाना चाहिए। वहीं सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी का कहना है कि इस संबंध में निर्णय जिला अस्पताल को लेना है।
विज्ञापन

क्या होता है एसिंटोमैटिक
एसिंटोमैटिक मरीज में पॉजिटिव होने के बावजूद रोग के लक्षण प्रकट नहीं होते हैं। आईसीएमआर की गाइडलाइन के हिसाब से ऐसे मरीज का इलाज कोविड केयर सेंटर में किया जाए। हालत बिगड़ने पर ही मरीज को कोविड डेडिकेटेड अस्पताल भेजा जाएगा।
पॉजिटिव बच्चे को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भेजे जाने का मामला उनके संज्ञान में अभी आया है। इस मामले में भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के दिशानिर्देशों के हिसाब से कार्यवाही करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया जा रहा है। - सुरेंद्र नारायण पांडेय, डीएम, चंपावत।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें