मडलक में शुरू हुई रामलीला में भगवान शिव की तपस्या करते रावण, कुंभर्कण और विभीषण।
- फोटो : LOHAGHAT
लोहाघाट (चंपावत)। कोरोना महामारी के चलते जिले में नवरात्र में कहीं भी रामलीला नहीं हुई, लेकिन अब नेपाल सीमा से लगे मडलक गांव में जिले की पहली रामलीला का मंचन हो रहा है। शनिवार रात इसका विधिवत शुभारंभ हो गया। कमेटी के वरिष्ठ पदाधिकारी हरीश चंद्र पांडेय ने लीला का शुभारंभ किया। मास्क की अनिवार्यता और कोरोना से बचाव के तमाम उपायों के साथ लीला शुरू की गई है। मडलक की यह लीला 75वें वर्ष में प्रवेश कर गई है।
रामलीला कमेटी के अध्यक्ष भुवन चंद्र भट्ट के निर्देशन में पहले दिन रावण, कुंभकर्ण, विभीषण का हिमालय पर्वत में शिव की तपस्या का मंचन हुआ। रावण ने नर और वानर के अलावा किसी हाथों न मारे जाने का वर मांगा, कुंभकर्ण ने छह माह तक सोने एक दिन जागने और विभीषण ने जीवन भर प्रभु भक्ति करने का वर मांगा। वर मिलने पर हिमालय पर्वत को लंका ले जाते रावण की लीला का शानदार अभिनय दिखाया गया। रावण का अभिनय दयाकृष्ण उपाध्याय, कुंभकर्ण का हेम चंद्र पांडेय, विभीषण का निलाप सिंह पुजारी ने किया। अध्यक्ष भुवन भट्ट ने बताया कि रामलीला 15 दिन तक होगी। कोरोना महामारी को देखते हुए प्रशासन के निर्देशों का पालन कर लीला का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन में विक्रम सामंत, हरी सिंह बोहरा, अमरनाथ बोहरा, सतीश पांडेय, नैन सिंह, नारायण सिंह, देव सिंह, गणेश बोहरा, वासुदेव उपाध्याय आदि लोग सहयोग कर रहे हैं।