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Champawat News: पेयजल किल्लत और वनाग्नि को लेकर कंट्रोल रूम स्थापित

Wed, 08 May 2024 10:45 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
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चंपावत। जिले में पेयजल की किल्लत, वनाग्नि की घटना के अतिरिक्त आपदा को लेकर कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। डीएम नवनीत पांडे ने तत्काल प्रभाव से आपदा की घटना के लिए आपदा प्रबंधन कार्यालय और पेयजल की समस्या की सूचना के लिए जल संस्थान कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। इसमें 24 घंटे कर्मचारी तैनात रहेंगे। डीएम ने कहा कि दोनों कंट्रोल रूम में जिम्मेदार अधिकारी के साथ ही कर्मियों की तैनाती कर दी गई है। डीएम ने सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि कंट्रोल रूम में तैनात कर्मी आपसी समन्वय से कार्य करें। साथ ही उन्होंने कहा कि आदेशों का अनुपालन न करने की स्थिति में आपदा प्रबंधन अधिनियम के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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आपदा की घटना के लिए इन नंबरों पर करें संपर्क

चंपावत। आपदा की घटना की सूचना के लिए नागरिक 1077 (टोल फ्री नंबर) के अलावा 05965- 230819, 78953-18895, 81263-60465, 99173-84226 पर संपर्क कर सकते है। संवाद

पेयजल किल्लत के लिए इन नंबरों पर संपर्क करें
चंपावत।पेयजल उपभोक्ता पानी की किल्लत से संबंधित समस्या की शिकायत जल संस्थान कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम के नंबर 05965- 230485, 18001-804100 (टोल फ्री नंबर) पर संपर्क कर सकते हैं।
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पानी के लिए परेशान पम्दा के ग्रामीणों में बढ़ रहा आक्रोश

लोहाघाट (चंपावत)। बाराकोट के पम्दा गांव में पेयजल समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने जल संस्थान के खिलाफ प्रदर्शन कर किया। उन्होंने कहा कि पानी के लिए उन्हें मीलों का सफर तय करना पड़ रहा है लेकिन विभाग सुध नहीं ले रहा है।

ग्रामीणों ने पम्दा के उप ग्राम प्रधान नवल किशोर जोशी के नेतृत्व में जल संस्थान के खिलाफ एकत्र होकर नारे लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि करीब 160 परिवारों के पम्दा गांव के लिए सलना पम्दा पेयजल योजना से पानी वितरित किया जाता है। करीब एक माह से अधिक समय से योजना से लोगों को नामपात्र का पानी मिल पा रहा है, कई कनेक्शनों में तो पानी हीं नहीं पहुंच रहा है।


ग्रामीणों ने कहा कि कई किमी दूर गाड़-गधेरों से पानी ढोने को मजबूर हैं। संपन्न लोग अपने निजी वाहनों से पानी लाकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि जल संस्थान की ओर से तीन दिन में एक बार पिकअप से पानी बंटवाया जा रहा है। इससे उनकी पूर्ति नहीं हो रही है। उन्होंने जल संस्थान से प्रतिदिन दो से तीन पिकअप पानी गांव में भेजने की मांग की है।



ग्रामीणों का कहना है कि सबसे अधिक दिक्कतें मवेशियों के लिए हो गई है। उनके लिए पानी की व्यवस्था करना मुश्किल हो रहा है। प्रदर्शन करने वालों में ललित मोहन,जोशी चरन दत्त जोशी, पुष्कर दत्त जोशी, प्रेम बल्लभ जोशी शामिल रहे।

कोट
बाराकोट क्षेत्र के लिए प्रस्तावित पूर्णेश्वर लड़ीधूरा लिफ्ट पेयजल योजना लोगों के लिए एक दिवा स्वप्न जैसी लग रही है। जबकि इस योजना का 90 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण कर लिया गया है। दो वर्ष पूर्व हर घर नल तो लगाए गए हैं, लेकिन उनमें जल नहीं है। जल्द ही लिफ्ट पेयजल योजना का कार्य पूरा कर ग्रामीणों को पेयजल समस्या से निजात दिलाने की पहल होनी चाहिए। - नगेंद्र जोशी, अध्यक्ष, लड़ीधुरा शैक्षिक सांस्कृतिक मंच, बाराकोट।
कोट
एक ओर सरकार गांवों से पलायन रोकने के लिए तमाम प्रयास करने के दावे कर रही है तो दूसरी ओर गांवों में पेयजल संकट के चलते लोग परेशान हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की कोई पुख्ता व्यवस्था न होने पर ग्रामीण शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। सरकार को प्राथमिकता के आधार पर गांवों में बुनियादी सुविधाएं मुहैया करानी चाहिए। - ललित मोहन जोशी, पूर्व सैनिक, पम्दा, बाराकोट।
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