शनिवार रात पाटी में कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता भिड़ गए। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कुछ कांग्रेस समर्थकों पर हथियारों से हमला करने का आरोप लगाया है। हमले में भाजपा के चार और कांग्रेस के दो कार्यकर्ताओं को चोटें आई है। वहीं, कांग्रेस की ओर से भी भाजपा कार्यकर्ताओं पर कारों के शीशे तोड़ने और पिटाई करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर 23 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अलबत्ता अब तक पुलिस किसी की गिरफ्तारी नहीं कर सकी है। डीएम डा.अहमद इकबाल, एसपी आरसी राजगुरु, सीओ वीर सिंह, प्रयाग सिंह, आरओ सीमा विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में पुलिस एवं सुरक्षा बलों ने मौके पर पहुंच हालात पर काबू पाया।
बताया गया कि शनिवार रात करीब दस बजे चुनाव प्रचार से वापस आ रहे दोनों दलों के कार्यकर्ता पाटी से एक किमी दूर छिनकाछीना में भिड़ गए। किसी बात को लेकर हुई कहासुनी के बाद विवाद गहरा गया और मारपीट हो गई। इसमें छह लोग घायल हो गए। साथ ही वाहनों में भी जमकर तोड़फोड़ हुई।
मारपीट में भाजपा कार्यकर्ता चौड़ाढेक के कैलाश सिंह ढेक, पाटी के सोबन सिंह मौनी, विक्रम गोस्वामी और संजय फर्त्याल घायल हो गए। चारों को पाटी अस्पताल ले जाया गया। चिकित्साधिकारी डा.आभास सिंह ने बताया कि कैलाश सिंह ढेक पुत्र उमेश सिंह के सिर पर नुकीली चीज से वार किया गया है। उनके सिर पर सात टांके लगे है। बाद में सभी को डिस्चार्ज कर दिया गया। भाजपा कार्यकर्ता कैलाश सिंह ने कविराज मौनी, आनंद अधिकारी, गोविंद बोहरा, अमर सिंह अधिकारी, शंकर अधिकारी, ललित पाटनी के अलावा 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ तमंचे, खुकरी से जानलेवा हमला करने की तहरीर दी। थानाध्यक्ष विनोद यादव ने बताया कि आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 352, 324 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
बाद में कांग्रेस प्रत्याशी खुशाल सिंह अधिकारी के भतीजे आनंद सिंह अधिकारी ने महेश पाटनी एवं मनोहर सिंह के साथ मारपीट कर सोने की चैन, 55 हजार रुपए की नकदी लूटने और गाड़ियों को क्षतिग्रस्त करने की तहरीर दी। तहरीर में राजू महरा, गिरीश महरा, गंगा पाटनी, महेंद्र ढेक, कैलाश देव, देवेंद्र बोहरा, नरेंद्र मेहता, संजय फर्त्याल, कमल महरा, गिरीश करायत, दीनू मेहरा, दिनेश बिष्ट, दीपक देव, पवन करायत, शिवराज फर्त्याल, पारस फर्त्याल, विमल मेहता को नामजद किया गया है। आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 395 व 427 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घटना स्थल पर हथियार लहराने के अलावा कई राउंड तमंचे भी चले, मगर पुलिस ने इससे इनकार किया है। एसओ का कहना है कि वाहनों में भी हथियार नहीं मिले। अलबत्ता बाद में वाहनों को छोड़ दिया गया। पाटी के एसओ विनोद कुमार यादव मामले की जांच करेंगे।