लोहाघाट (चंपावत)। खेतीखान के पांच दिनी दीप महोत्सव में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम शुरू हो गई है। महोत्सव की पहली सांस्कृतिक संध्या कुमाऊं लोक सांस्कृतिक कला दर्पण लोहाघाट और जय गोलज्यू जन्मभूमि चंपावत के कलाकारों के नाम रही। महोत्सव समिति के अध्यक्ष मुकेश राज देउपा की अध्यक्षता और संदीप कलखुड़िया के संचालन में मुख्य अतिथि गोसनी की ग्राम प्रधान रेनू वर्मा, जिला पंचायत सदस्य भूपेंद्र सिंह महर ने दीप प्रज्वलित कर सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ किया।
कला दर्पण के दल नायक भैरव राय के नेतृत्व में आए कलाकारों ने ओ नंदा सुनंदा ते दैंण है जाये वंदना से कार्यक्रमों की शुरुआत की। गायक प्रदीप कुमार, गायिका आशा बोहरा ने तेरे रंग्याली पिछौड़ी कमु तेरी रंग्याली पिछौड़ी, रूमझुमा जोग्याना, म्यर द्योरा मोहना तेरी केमुए गाड़ी, इन लोंडन कै को समझालो कि हिटन बाटे सिटी न ...आदि गीतों की शानदार प्रस्तुति देकर खूब वाहवाही लूटी। दल के कलाकार प्रदीप, वीरेंद्र, सतीश, प्रियंका, मंजू, अंजलि, भावना, अदीति, प्रिय, गौरव, विकास, पंकज, योगेश आदि ने कुमाऊंनी, गढ़वाली और नेपाली गीतों की झड़ी लगा दी।
जय गोलज्यू जन्म भूमि चंपावत की दल नायक सरोज राजन के नेतृत्व में आए कलाकार अंजना सिंह, किशोर कां छा की प्रस्तुति हाय काकड़ी झिले मां नूण पिसो सिले मां, लाल चुन्नी कुर्ती या तेरी काली.. गीत को दर्शकों ने खूब सराहा। बाल कलाकर रिमझिम पंत ने छम छम बाजली हो गीत पर किया गया नृत्य बेहद सराहा गया। डी डांस एकेडमी लोहाघाट के छात्रों ने भी मनमोहक प्रस्तुतियां दी। इस मौके पर संरक्षक चिरंजीलाल वर्मा, संजय कलखुड़िया, प्रियंका, प्रकाश बोहरा, दिगराज बोहरा, मनीष भट्ट, नारायण देउपा, प्रियंका गड़कोटी, आलोक वर्मा, अंशुल, गौरव, नीरज, महेश, जगदीश भट्ट आदि मौजूद रहे।
महोत्सव में आज:
क्विज प्रतियोगिता:सुबह 10 बजे से।
भाषण प्रतियोगिता: मध्यान्ह 12 बजे से।
कवि सम्मेलन: तीन बजे से।