मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समाधान पोर्टल में दर्ज शिकायतों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अधिकारी जिला स्तरीय समस्याओं का जिला स्तर निस्तारण करें।
उन्होंने कहा कि जन शिकायत नंबर 1905 पर दर्ज शिकायतों को अपलोड कर संबंधित जिलों को भेजा जा रहा है। जिनका समाधान आगामी माह में समाधान पोर्टल की समीक्षा से पूर्व करें। उन्होंने जिलों में घटते लिंगानुपात पर चिंता जताई। लिंगानुपात बढ़ाने के लिए डीएम को अपना ध्यान विशेष रूप से इस ओर देने और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को गति देने के लिए उत्कृष्ट कार्य कर रही महिलाओं, कालेज की छात्राओं आदि को ब्रांड एंबेसडर बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने अल्ट्रासाउंड कराने वाले रेकेटों पर पैनी नजर बनाकर छापामार कार्रवाई कर उन्हें सीज करने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल, परियोजना निदेशक डीआरडीए एचजी भट्ट, जिला विकास अधिकारी आरसी तिवारी, आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय, एसडीओ वन एमएस सेमिया, पर्यटन अधिकारी लता बिष्ट आदि मौजूद थे।
चंपावत से समाधान में दर्ज हुई थी तीन शिकायतें
समाधान पोर्टल पर जिले से संबंधित तीन शिकायतें दर्ज हुई थी। मोलनाजाख के पुष्कर भट्ट ने ग्रामसभा में पंचायतघर के कई वर्ष पूर्व बनने के बाद भी विभाग को हस्तांतरण की कार्रवाई नहीं किए जाने, ग्रामसभा में निर्मित पेयजल टैंक पर कुछ दबंगों द्वारा कब्जा किए जाने तथा लोहाघाट के भुवन चंद्र मुरारी ने कई माह पूर्व पर्यटन योजना में होटल व्यवसाय के लिए आवेदन पर कोई स्वीकृति नहीं होने की शिकायत की थी। एडीएम हेमंत वर्मा ने बताया कि मौलनाजाख में पंचायतघर हस्तांतरण पूर्ण होने तथा पेयजल टैंक की जांच किए जाने तथा भुवन चंद्र मुरारी के प्रकरण में बैंक की ओर से सहमति दिए जाने की जानकारी दी।