राजीव नवोदय विद्यालय लोहाघाट की प्रबंध समिति की बैठक में पहुंचे डीएम विद्यालय परिसर में गंदगी देख कर बिफर गए। उन्होंने सीईओ को विद्यालय परिसर में साफ-सफाई कराने तथा समय-समय पर औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
विद्यालय परिसर में पहुंचते ही वहां बहुत अधिक मक्खियों के होने पर गहरी नाराजगी जताते हुए डीएम ने कहा कि मक्खियों से कई प्रकार की बीमारियां होती है। उन्होंने नगर पंचायत के ईओ को समय-समय पर दवा का छिड़काव और फागिंग करवाने के निर्देश दिए।
डीएम ने विद्यालय में पानी की मुख्य समस्या को गंभीरता से लेते हुए राजकीय निर्माण निगम की ओर से परिसर में बनाए गए मात्र 140 फीट के बोर पर नाराजगी व्यक्त की और जल संस्थान को दो माह के भीतर हैंडपंप लगाने के निर्देश दिए।
डीएम ने बच्चों की पढ़ाई में शत-प्रतिशत रिजल्ट न आने के लिए कारण ढ़ूढने के बजाय नए-नए उपाय खोजने को कहा। बैठक में विद्यालय की स्टॉफ की समस्या, संविदा में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षणोत्तर कर्मचारियों को आकस्मिक अवकाश दिए जाने, संविदा कर्मियों का मानदेय बढ़ाने, विद्यालय परिसर में खतरनाक स्थिति में खड़े ट्रांसफार्मर का स्थान बदलने समेत कई मुद्दों पर चर्चा की गई।
प्रधानाचार्य को दिए टायलेट साफ करवाने के निर्देश
चंपावत। बैठक के संपन्न होने के बाद जिलाधिकारी ने परिसर के टायलेट, बाथरूम का निरीक्षण किया। वहां गंदगी को देखते ही वह बिफर पड़े और उसी समय प्रधानाचार्य को टायलेट साफ करवाने के निर्देश दिए। अगले दिन पूरे स्टॉफ के साथ सफाई अभियान चलाने के साथ ही टायलेट, बाथरूमों की सफाई करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने उप जिलाधिकारी शिप्रा जोशी को निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी आरपी खंडूरी, ईई एनएस एलडी मथेला, प्राचार्य पीजी कालेज डॉ. एसके गुरुरानी, डायट प्रतिनिधि एके मिश्रा, उपकोषाधिकारी लोहाघाट प्रवीण भट्ट, प्रचार्य जवाहर नवोदय प्रतिनिधि एसपी गंगवार, प्रभारी ईई लोनिवि शिवाकर चौरसिया, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य बंशीधर कलौनी, नवीन मुरारी, पवन बिष्ट समेत अध्यापक एवं अध्यापिका उपस्थित रहे।