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...और जमींदोज हो गया स्वांला प्राथमिक स्कूल की रसोई व शौचालय

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मलबे की भेंट चढ़ा स्वांला राजकीय प्राथमिक विद्यालय की रसोई व शौचालय भवन। - फोटो : CHAMPAWAT
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टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग के किनारे स्थित स्वांला के राजकीय प्राथमिक विद्यालय भवन की रसोई और शौचालय मंगलवार रात जमींदोज हो गया।
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80 छात्र-छात्राओं वाले विद्यालय को खतरे के मद्देनजर कुछ दिनों पूर्व पास में ही स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में शिफ्ट कर दिया गया था। इस वजह से संपत्ति को छोड़ किसी अन्य तरह का नुकसान बच गया। प्रधानाध्यापिका शोभा जोशी ने उच्चाधिकारियों को स्कूल भवन को हुए नुकसान की जानकारी दी है।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि बारहमासी मार्ग के इस हिस्से में कुछ वक्त पूर्व ही चौड़ीकरण के लिए कटिंग हुई थी। पिछले कुछ दिनों में हुई बारिश से यहां काफी भूस्खलन हुआ। स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नित्यानंद भट्ट ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से हुई तेज बारिश से शौचालय व रसोई को खतरा हो गया था। स्कूल परिसर में कई जगह दरारें भी आई हैं।
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खतरे के मद्देनजर खंड शिक्षाधिकारी अंशुल बिष्ट ने स्कूल भवन को करीब एक सप्ताह पूर्व जीआईसी में शिफ्ट करा दिया था। ग्रामीण जगदीश भट्ट, केशव भट्ट, दुर्गा दत्त, महादेव, तुलसी दत्त, हेमा भट्ट आदि का कहना है कि स्कूल भवन से लगे न्याय पंचायत संसाधन केंद्र और कई अन्य इमारतों के लिए खतरा बना हुआ है।
स्वांला राजकीय प्राथमिक विद्यालय भवन के ध्वस्त होने से संबंधित शिक्षा विभाग की विधिवत सूचना मिलने के बाद इस प्रस्ताव को विभागीय उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। वहां से अनुमोदन के बाद ही भवन निर्माण के लिए बजट दिया जा सकेगा। एलडी मथैला, अधिशासी अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग खंड, लोहाघाट।
स्वांला सीआरसी का भवन भी है खतरे की जद में
चंपावत। निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग की कटिंग से रोड से लगे स्वांला न्याय पंचायत संसाधन केंद्र (सीआरसी) के भवन को भारी खतरा है। खतरे को देखते हुए इस केंद्र के सामग्री को शिक्षा विभाग के दूसरे भवन में रख दिया गया है। 22 किमी दूर स्वांला सीआरसी भवन रोड कटिंग और भूकटाव से बेहद जोखिमभरा हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि कटाव के चलते यह इमारत कभी भी गिर सकती है। प्रधानाध्यापिका शोभा जोशी का कहना है कि सीआरसी भवन के खतरे की जानकारी विभागीय अधिकारियों को दी गई है। खंड शिक्षाधिकारी अंशुल बिष्ट का कहना है कि खतरे के मद्देनजर सीआरसी भवन का उपयोग नहीं करने और यहां की सामग्री को अन्यत्र शिफ्ट करने को कहा गया है।
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