चंद राजाओं के पुरोहितों (पांडेय) के गांव सिमल्टा में 24 जुलाई को विधायक कैलाश गहतोड़ी और डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय की मौजूदगी में बहुउद्देश्यीय शिविर लगाया गया।
जमीन पर बैठकर समस्याओं को सुनने की पहल को ग्रामीणों ने खूब सराहा लेकिन पश्चिम बंगाल और पंजाब के गवर्नर रहे पूर्व कैबिनेट सचिव स्वर्गीय भैरव दत्त पांडेय से ताल्लुक रखने वाले इस गांव में बुनियादी सुविधाओं का टोटा है। और तो और जिला मुख्यालय से बमुश्किल 10 किमी दूर होने के बावजूद यहां पांचवीं से आगे की पढ़ाई के लिए तीन किमी दूर फुंगर जाना होता है।
सिमल्टा ग्राम पंचायत के अलावा न्याय पंचायत मुख्यालय भी है लेकिन फिर भी सुविधाओं से वंचित है। इस ग्राम पंचायत में पंचायत घर तक नहीं है। सिमल्टा न्याय पंचायत में 2632 की आबादी वाले छह ग्राम पंचायतें (सिमल्टा, कांडा, फुंगरमाफी, कठनौली, मौनपोखरी और भंडारबोरा) शामिल हैं।
2008 में अटल आदर्श गांव में शामिल सिमल्टा गांव के हाल बदतर हैं। न अस्पताल है और न ही स्वास्थ्य उप केंद्र है। गर्भवती महिलाओं के लिए भी रत्तीभर सहूलियत नहीं है। सिंचाई की सुविधा की कमी से खेतों की हरियाली गायब है। विकास के नाम पर बस पिछले साल सितंबर में यहां कूर्म सरोवर को मंजूरी मिली।
अटल आदर्श गांव को 16 में से 7 ही सुविधाएं मिल सकीं
चंपावत। अटल आदर्श गांव में चयनित गांव में 16 सुविधाएं मिलनी थीं लेकिन सिमल्टा को इनमें से महज 7 ही सुविधाएं मिल सकीं। गांव को बिजली, पानी, आंगनबाड़ी केंद्र, ग्रामीण स्वच्छता, सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान, दूरभाष सुविधा और रोड से जोड़ा गया है लेकिन शिक्षा, मातृ शिशु कल्याण केंद्र, पंचायत भवन, कृषि निवेश आपूर्ति केंद्र, पशु सेवा केंद्र, सहकारी समिति, डाक सुविधा, बैंकिंग सुविधा व सिंचाई सुविधा आज भी नदारद हैं।
कूर्म सरोवर से होगा विकास
सिमल्टा निवासी भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री हरीश पांडेय का कहना है कि बुनियादी विकास की कमी से गांव से पलायन बढ़ा है। पुराने भवन भी खंडहर में तब्दील हो रहे है। कूर्म सरोवर से विकास की उम्मीद बढ़ी है।
सिमल्टा क्षेत्र के विकास के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। पिछले साल क्षेत्र में कूर्म सरोवर को मंजूरी मिली है। इससे सिंचाई, पेयजल की सुविधा के अलावा पर्यटन विस्तार होगा। इसके अलावा गांव को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कार्ययोजना बनाई जाएगी।
टीएस मर्तोलिया, मुख्य विकास अधिकारी, चंपावत।