लोहाघाट विकासखंड के नेपाल सीमा से लगे मडलक क्षेत्र के कई गांवों में खुरपका, मुंहपका रोग की चपेट में आने से सैकड़ों पशु बीमार पड़े हुए हैं। बीमारी के कारण ग्रामीणों ने पशुपालन विभाग से गांवों में सघन अभियान चलाकर पशुओं का टीकाकरण करने की मांग की है।
सामाजिक कार्यकर्ता गणेशदत्त भट्ट का कहना है कि मडलक क्षेत्र के गुरेली, संगनौला, ककरतोला, काकड़ी, बुंगा, मजपीपल, सागर, सल्टा, बगोटी, चामा आदि गांवों में पशुओं में खुरपका मुंहपका रोग फैला हुआ है। रोग की चपेट में आने से बड़ी संख्या में गाय, बैल, भैंस, बछिया, बकरियां आदि लंबे समय से बीमार पड़े हुए हैं। बीमारी के कारण मवेशियों ने घास खाना बंद कर दिया है। दुधारू पशु दूध भी नहीं दे पा रहे हैं। भुवन चंद्र भट्ट, परू देवी, बलदेव भट्ट, लक्ष्मी दत्त, शिवदत्त, कल्याण सिंह, त्रिलोक सिंह, बद्री सिंह, पूरन राम, दीपक राम, गोपाल सिंह, हयात सिंह, विमला देवी, कमला देवी आदि ग्रामीणों के जानवर इस रोग की चपेट में आए हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दिन प्रतिदिन यह रोग फैलता जा रहा है। उन्होंने पशुपालन विभाग से गांवों में सघन टीकाकरण अभियान संचालित करने की मांग की है।
कोट
क्षेत्र में करीब एक माह से यह रोग फैला हुआ है। पशुपालन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में रोग की रोकथाम के लिए टीकाकरण कर रही है। कई जगह जानकारी के अभाव में ग्रामीण पशुओं के टीकाकरण से मना कर रहे हैं। ऐसे लोगों को समझाया जा रहा है। इस रोग के कारण बड़े जानवरों की मौत बहुत कम होती है। अलबत्ता छोटे मवेशी इसकी चपेट में आ सकते हैं। लेटी डुंगरा आदि क्षेत्रों में टीकाकरण कार्य पूरा कर लिया गया है। शेष इलाके में भी टीकाकरण कार्य कराया जा रहा है।
डॉ. सुमाइल मलिक, पशु चिकित्साधिकारी, चमदेवल।