नियमों की अनदेखी कर वाहन में पाइप डाल कर ले जाता वाहन।
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सात फरवरी को हुए स्वांला जीप दुर्घटना के बाद सवारी वाहनों में ओवरलोडिंग में कुछ हद तक लगाम लग गया है। पुलिस के अभियान से टैक्सी-जीप चालक भी ओवरलोडिंग को लेकर सतर्क हुए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग पर इस समय रात के प्रतिबंधित समय पर वाहन चलने में भी कमी आई है। अब टनकपुर से करीब सात किमी दूर बस्टिया के लोगों को भी अपने वाहनों से गांव जाने में दिक्कत आ रही है। लेकिन सरिया लदे कई वाहन अभी भी खतरा बने हुए हैं।
नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई करने के लिए कोतवाली पुलिस तड़के से ही एनएच पर बनलेख और धौन में चेकिंग अभियान चला रही है। वाहनों में क्षमता से अधिक सवारी बिठाने वालों पर सख्त नजर रखी जा रही है। टीम ने सुबह छह बजे से बनलेख में पहरा दिया। सुबह 7.30 बजे पहला वाहन बनलेख पहुंचा। देर तक चली चेकिंग के दौरान क्षमता से अधिक सवारी बिठाने का कोई मामला पकड़ में नही आया।
इस दौरान बगैर हेलमेट दो पहिया वाहन चलाने के इक्का-दुक्का लोगों चालान भी किए गए। कोतवाल सलाउद्दीन खान का कहना है कि रात में चलने वाले वाहनों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस की टीम तड़के बनलेख में चेकिंग अभियान चला रही है। दो दिनों में सवारी वाहनों की ओवरलोडिंग का एक भी मामला सामने नहीं आया।
वहीं पिकअप, कैंटर और ट्रकों से बाहर निकले सरिया और पाइप खतरे का सबब बन रहे हैं। जबकि सरिया और पाइप वाहन की बॉडी के बाहर लटकाना नियमों के खिलाफ है। यातायात उपनिरीक्षक ज्योति प्रकाश का कहना है कि सरिया और पाइप को वाहन में लटका कर ले जाने वालों के खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी।