पुलहिंडोला में दूरदराज से पानी ढोते छोटे बच्चे।
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लोहाघाट विकासखंड के पुलहिंडोला में पानी का संकट दूसरे दिन भी जारी रहा। इलाके के सभी मांडेक्स हैंडपंप खराब होने से यहां के ग्रामीण बेहाल हैं। छोटे-छोटे बच्चे पानी भरने को मजबूर हैं।
पुलहिंडोला गांव में लोग पानी को तरस रहे हैं। इलाके में एक भी सरकारी पेयजल योजना नहीं है। सभी लोग यहां लगे छह मांडेक्स हैंडपंपों के आसरे थे, लेकिन दो दिन से सभी हैंडपंपों के खराब होने से लोगों को पानी के लिए तरसना पड़ा। मजबूरन ग्रामीण पेयजल के लिए 300 मीटर से दो किलोमीटर दूर तक पानी ला प्यास बुझा रहे हैं। यहां तक कि छोटे-छोटे बच्चे भी पढ़ाई-लिखाई छोड़ दूरदराज से पानी ढोने को मजबूर हो रहे हैं। नकुल पंत सहित तमाम ग्रामीणों ने जल्द से जल्द हैंडपंपों को ठीक करने और तब तक पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था करने की जल संस्थान से मांग की है।
उधर, जल संस्थान के चंपावत डिवीजन के अधिशासी अभियंता (ईई )विशाल सक्सेना का कहना है कि पुलहिंडोला के खराब पड़े मांडेक्स हैंडपंपों को ठीक कराने के लिए डीडीहाट गई मशीन मंगाई गई है। उन्होंने रविवार शाम तक हैंडपंप ठीक करवाने की बात कही है।