सूखीढांग में स्कूल जा रहे 12 वर्षीय छात्र के अपहरण के प्रयास की कथित घटना से सोमवार को जिले में हड़कंप मचा रहा। कार सवार चार युवकों ने अकेले स्कूल जा रहे छात्र को अगवा करने की कोशिश की लेकिन छात्र अपहरणकर्ताओं के चंगुल से भागकर घर पहुंचकर बेहोश हो गया। घबराए माता-पिता बेटे को लेकर तुरंत संयुक्त चिकित्सालय पहुंचे जहां उपचार के बाद छात्र को होश आया।
अब वह स्वस्थ है। छात्र ने पुलिस को बताया कि अपहरणकर्ताओं ने एक अन्य छात्र को अगवा कर कार में बैठा रखा था। इधर, घटना को लेकर पुलिस असमंजस में है। पुलिस का कहना है कि यदि किसी छात्र का अपहरण हुआ होता तो अब तक पुलिस को उसके लापता होने की सूचना मिल गई होती।
राजकीय इंटर कॉलेज सूखीढांग में सातवीं में पढ़ने वाला छात्र अजय चौड़ाकोटी (12) पुत्र दिनेश चंद्र चौड़ाकोटी सोमवार सुबह अकेले स्कूल जा रहा था। कुछ देर बाद अजय घबराकर भागता हुआ घर पहुंचा। उसने मां को कुछ लोगों द्वारा उसे जबरन कार में बैठाने की कोशिश करने की बात बताई। इसके बाद वह बेहोश हो गया। परिजन उसे संयुक्त चिकित्सालय ले गए जहां उपचार के बाद उसे होश आया।
अजय के मुताबिक काले रंग की कार में सवार नकाबपोश चार युवकों ने श्यामलाताल तिराहे के समीप कार रोककर उसे पकड़ जबरन कार में बैठाने की कोशिश की लेकिन वह किसी तरह उनके चंगुल से छूटकर खाई की तरफ उतर गया और जंगल के रास्ते घर पहुंच गया। भागते वक्त अपहरणकर्ता युवकों ने उसके सिर पर कुछ स्प्रे भी किया जिससे वह घर पहुंचकर बेहोश हो गया। अजय के अनुसार, अपहरणकर्ता युवकों ने उससे कम उम्र के स्कूल ड्रेस पहने एक अन्य छात्र को कार में बैठा रखा था।
छात्र के अपहरण के प्रयास की घटना का पता चलते ही एसपी लोकेश्वर सिंह ने जिले की पुलिस को अलर्ट कर दिया। कोतवाल धीरेंद्र कुमार और एसएसआई राजेंद्र सिंह डांगी ने संयुक्त चिकित्सालय पहुंचकर अजय और उसके माता-पिता से गहन पूछताछ की। बहरहाल छात्र को अगवा करने के प्रयास की यह घटना पुलिस के गले नहीं उतर रही है।
कोतवाल का कहना है कि अपहरणकर्ताओं ने यदि एक और छात्र को अगवा किया होता तो पुलिस को उसके लापता होने की सूचना मिल गई होती। देर शाम तक भी जिले से किसी छात्र के अगवा होने की सूचना नहीं मिली थी।