चंपावत। अब तक किन्हीं कारणों से सड़क सुविधा से वंचित गांवों के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार की ओर से दूरस्थ ग्रामीण अंचलों के उत्थान और समग्र विकास के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना प्रारंभ की गई है। योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सचिव राधिका झा की ओर से जारी गाइडलाइन के बाद जिला स्तरीय चयन समिति गठित कर दी गई है।
डीएम नवनीत पांडे ने बताया कि राज्य के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली 250 से अधिक जनसंख्या वाले गांव जो मुख्य मोटर मार्ग से डेढ़ किमी पैदल दूरी में हैं, उनको पीएमजीएसवाई, ग्रामीण निर्माण विभाग के माध्यम से मोटर मार्ग से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा 250 से कम आबादी वाले गांंवों को भी बारहमासी सड़क से जोडऩे का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सड़क सुविधा मिलने से ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि विपणन, पर्यटन, आपदा, विधि व्यवस्था, आर्थिक और सामाजिक सेवाओं की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
बताया कि ऐसे मार्ग जो पूर्व में निर्मित हैं और ग्राम पंचायतों की संपत्ति है, लेकिन बारहमासी सड़क की श्रेणी में नहीं आते हैं। ऐसे मार्गो का विस्तारीकरण कर उसका स्वामित्व ग्रामीण निर्माण विभाग को दिया जाएगा। जिला स्तरीय चयन समिति की देखरेख में चयनित मार्गो के लिए डीपीआर तैयार की जाएगी। संवाद
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मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के तहत सड़क निर्माण के लिए आवश्यकता अनुसार भूमि अधिग्रहण का भी प्रावधान किया गया है। जिन सड़कों के लिए पूर्व से भूमि उपलब्ध होगी, उन्हें निर्माण कार्य में प्राथमिकता दी जाएगी।
हेमंत कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी, चंपावत।
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जिला स्तरीय चयन समिति में ये अधिकारी रहेंगे शामिल
चंपावत। मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के तहत सड़कों के निर्माण के लिए गठित जिला स्तरीय चयन समिति में सीडीओ, ईई लोनिवि चंपावत और लोहाघाट, ईई पीएमजीएसवाई चंपावत और लोहाघाट, ईई ग्रामीण निर्माण विभाग, सभी एसडीएम, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत के साथ सभी खंड विकास अधिकारी शामिल रहेंगे। संवाद