डीईओ (बेसिक) सत्यनारायण ने सोमवार को आरटीई संबंधी एक दिनी कार्यशाला का शुभारंभ किया। उन्होंने सभी खंड और उपखंड शिक्षा अधिकारियों को विशिष्ट श्रेणी तथा गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूलों में समाज के अपवंचित तथा कमजोर वर्ग के बच्चों को 25 प्रतिशत सरकारी कोटे के अंतर्गत पहली कक्षा में अनिवार्य रूप से प्रवेश दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों को शुल्क तथा सीटों के संबंध में घोषणा करनी होगी। निर्धारित घोषित सीटों को स्कूल के नोटिस बोर्ड पर भी चस्पा कराने के साथ घोषित 25 प्रतिशत सीटों में से 50 प्रतिशत सीटें छात्राओं के लिए निर्धारित रखनी होगी।
उन्होंने समस्त प्रक्रियाओं के लिए 30 अप्रैल की तिथि निर्धारित करने के साथ स्कूल से आवेदन तीन प्रतियों में प्राप्त करने के निर्देश कार्यशाला में दिए। उन्होंने कहा कि आवेदन में स्कूल का मान्यता पत्र, कक्षावार शुल्क एवं सीटों की घोषणा, स्कूल के वार्ड का स्पष्ट उल्लेख करेंगे। उन्होंने कहा कि आरटीई के तहत दाखिला लेने वाले बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। कार्यशाला में प्राइवेट स्कूलों के प्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई शंकाओं का निवारण किया गया। कार्यशाला का संचालन अजय कुमार चौबे तथा विजय पांडेय ने किया। वहां पर प्राचार्य डायट केसी शाक्य, डॉ. एमपी जोशी, बीईओ महावीर सिंह चौधरी, आरएस नेगी, अंशुल बिष्ट, हरेंद्र साह, मनीष बिष्ट आदि थे।