चंपावत। जिले में उत्पादित जैविक चाय को सात समंदर पार भी खूब पसंद किया जा रहा है। यूएसए के एक संगठन ने यहां से बड़ी मात्रा में चाय (ग्रीन लीफ) खरीदी है। यूएसए की यंग माउंटेन टी संस्था ने बीते साल चंपावत से 1834 क्विंटल चाय खरीदी है। चाय बोर्ड चंपावत के पूर्व प्रभारी डेसमंड बर्क बेक के अनुसार संस्था के भारतीय मूल के प्रतिनिधि अधिराज बावले को छह साल पहले चंपावत की जैविक चाय की जानकारी हुई। उन्होंने इलाके के कई चाय बगान का दौरा करने के बाद यहां से चाय की खरीद करने का निर्णय लिया। पहली बार वर्ष 2016 में महज 33 किलो चाय खरीदी गई। यहां की चाय की मांग को देखते हुए संस्था ने इस बार इसमें जबरदस्त इजाफा किया है। वर्तमान में चंपावत जिले में 241 हेक्टेयर क्षेत्रफल में चाय बागान विकसित किए जा चुके हैं। इनमें 500 से अधिक महिलाओं को रोजगार भी मिल रहा है। संवाद
2014 से कोलकाता में होने वाली नीलामी में जाती है चाय
चंपावत। ताजगी देने वाली चंपावत की चाय खास स्वाद के साथ जैविक होने के चलते सेहतमंद भी है। कोलकाता चाय बोर्ड की नीलामी के जरिए यह चाय 2014 से दुनिया के कई देशों तक अपनी खुशबू बिखेर रही है। चंपावत जिले का पहाड़ी हिस्से में 241 हेक्टेयर में चाय की खेती हो रही है। कोरोना काल में भी दो नई जगह (मल्ला बापरू और कठनौली) में करीब आठ हेक्टेयर में चाय के बागान लगाए गए हैं। 2013 में चंपावत में चाय फैक्ट्री लगने के बाद 2014 से यहां की चाय नियमित रूप से कोलकाता में होने वाली नीलामी में हिस्सा ले रही है। संवाद
कोट
चंपावत की चाय की खूबियों के चलते अब कई विदेशी सीधे भी चाय मंगा रहे हैं। यूएसए की यंग माउंटेन टी संस्था लगातार बड़े पैमाने पर ग्रीन लीफ चाय की खरीद कर रही है। यहां की चाय की खास आबोहवा के साथ चाय के जैविक होने से लगातार विदेशों में मांग बढ़ रही है। - राकेश कुमार, प्रभारी, चाय विकास बोर्ड, चंपावत।