चंपावत। उत्तराखंड की दूसरी महिला राज्यपाल बेबी रानी मौर्य चंपावत जिले के अद्भुत कुदरती सौंदर्य से बेहद प्रभावित थीं। मायावती अद्वैत आश्रम और चंपावत के बालेश्वर मंदिर के दर्शन के बाद उन्होंने कहा कि मौका मिला तो फिर वो यहां आना चाहेंगी। राज्यपाल ने स्विट्जरलैंड से चंपावत की तुलना करते हुए इस आध्यात्मिक क्षेत्र को प्रमुख साधना स्थलों में शुमार किया।
मंगलवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पहाड़ के इस सौंदर्य को पर्यटन स्थलों में शामिल कर रोजगार, विकास और तरक्की से जोड़ा जाना चाहिए। जिले के बुनियादी ढांचे को तेजी से विस्तार देकर इस सीमांत क्षेत्र के पिछड़ेपन को दूर करने के साथ विकास की नई पहचान दी जा सकती है। राज्यपाल ने कहा कि बालिका और महिला सशक्तिकरण समाज की समग्र तरक्की के लिए जरूरी है। ऐसे मसलों पर वह खुद भी पैनी नजर रखती हैं। प्रदेश सरकार की तमाम नीतियों के क्रियान्वयन में नौकरशाही अब जिम्मेदारी से अमल कर रही है। 2017 की प्रदेश की इंटर पास छात्राओं को गौरा देवी कन्याधन योजना की 50 हजार रुपये की राशि नहीं मिलने के मामले में उन्होंने कहा कि इस संबंध में उनके पास किसी तरह का प्रतिवेदन नहीं आया है। अगर ये रकम नहीं मिली है, तो जन प्रतिनिधियों को इस मामले पर सरकार से बात करनी चाहिए।
समूहों की बारीक कलाकारी पर फिदा हुईं बेबी रानी मौर्य
चंपावत। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की जिले की उद्यमिता और विकास में अहम भूमिका है। यहां के सभी स्वयं सहायता समूह महिलाओं के सशक्तिकरण के साथ रोजगार, उद्यमिता और विकास में हाथ बंटा रहे हैं। साथ ही प्रशासन से समूहों को और अधिक सहयोग करने के निर्देश दिए। ये बातें राज्यपाल ने मंगलवार को सर्किट हाउस में उनसे मिलने आईं स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से कही। मौर्य ने समूहों की महिलाओं से बातचीत की और उनके उत्पादों की जानकारी हासिल की। इस मौके पर सभी समूहों की महिलाओं ने उन्हें स्वयं के बनाए उत्पाद भी भेंट किए। दोपहर में राज्यपाल देहरादून रवाना हुईं।
बमनपुरी, बाराकोट और पाटी के जूट बैग की कलाकारी की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने खूब प्रशंसा की। सुदर्शन आजीविका संघ भूमिया उत्पादक समूह की महिलाओं के बिस्कुट और थुवामौनी संघ के जय ईष्ट देव की महिलाओं ने हाथ से बने जूट बैग की खूबियां और बनाने के तरीके राज्यपाल को बताए। राज्यपाल ने इनका निर्माण करने वाली अनीता बोहरा, हेमलता जोशी, बीना आर्या, तुलसी अधिकारी, आनंदी अधिकारी, मंजू देवी, गीता लोधियाल की पीठ थपथपाई। यूनिट अधिकारी अशोक अधिकारी ने बताया कि एकीकृत आजीविका परियोजना के तहत बाराकोट और पाटी यूनिट की महिला संघों ने ये उम्दा कलाकारी की है।
समूह की इन महिलाओं की हुई राज्यपाल से मुलाकात
भूमिसेन स्वयं सहायता समूह की नीरू राणा, राखी राणा, समाज समूह की कृष्णा राणा, हरियाली समूह की लता मंगेश, गंगनाथ बाबा की सुनीता देवी, निम्दार बाबा की ममता देवी, सूर्य देवाय रेखा जोशी, जगदंबा स्वयं सहायता समूह की शुभम जोशी, लोहाघाट की नारायणी देवी, फूलवती देवी, प्रिया देवी, प्रगति ग्राम संगठन की बबीता देवी, हरियाली की गीता, कविता धौनी, भगवती स्वयं सहायता समूह की देवकी देवी।
बालेश्वर महादेव का पूजन किया
राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने मंगलवार सुबह इंसाफ के देव गोरलदेव और बालेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन और पूजा-अर्चना की। महंत पवन पुजारी ने राज्यपाल को मंदिर के आध्यात्मिक और एतिहासिक महत्व की जानकारी दी। राज्यपाल ने पुरातत्व विभाग को बालेश्वर मंदिर समूह के संरक्षण की कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने की राज्यपाल से मुलाकात
राज्यपाल से भाजपा कार्यकर्ताओं सहित कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भेंट की। भाजपा मंडल अध्यक्ष कैलाश अधिकारी ने स्मृति स्वरूप इंसाफ के देव गोलज्यू देवता की प्रतिमा भेंट की। वहीं हिंदू जागरण मंच के चंद्रकिशोर बोहरा ने महिलाओं की ओर से ऐपंण से बनी कलाकृतियां भेंट की गई। इस दौरान भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य शंकरदत्त पांडेय, मीडिया प्रभारी मोहन अधिकारी आदि भी मौजूद रहे। वहीं बीडीसी सदस्य शैलेंद्र सिंह बोहरा ने रीठा साहिब में डिग्री कॉलेज खोले जाने का आग्रह करते हुए राज्यपाल को ज्ञापन दिया। इस मौके पर चेयरमैन विजय वर्मा, सभासद रोहित बिष्ट, नंदन तड़ागी, कैलाश पांडेय के अलावा डीएम एसएन पांडेय, एसपी लोकेश्वर सिंह, सीडीओ आरएस रावत, एडीएम टीएस मर्तोलिया, एसडीएम अनिल गर्ब्याल, हिमांशु कफल्टिया, आरसी गौतम, सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी, डीडीओ एसके पंत, डीटीओ लता बिष्ट, डीएसडब्लूओ आरएस सामंत आदि मौजूद थे।