चंपावत। चंपावत जिला अस्पताल के आईसीयू को दोबारा संचालित होने में पूरे 349 दिन लग गए। बृहस्पतिवार को दिगालीचौड़ के दस साल के एक बच्चे को आईसीयू में भर्ती किया गया। पीएमएस डॉ. एचएस ऐरी ने बताया कि आईसीयू के संचालन के लिए चिकित्सकों सहित अन्य जरूरी स्टाफ की तैनाती कर दी गई है।
दिगालीचौड़ के गिरीश बिष्ट (10) पुत्र हयात सिंह बिष्ट का पैर फ्रेक्चर हो गया था। पैर में प्लास्टर के बाद बृहस्पतिवार को गिरीश को आईसीयू में भर्ती किया गया। आईसीयू के संचालन के लिए इस सप्ताह के शुरू में सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल ने चार सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को जिला अस्पताल से संबद्ध किया था।
तीन मार्च 2022 के बाद इस साल 16 फरवरी को पहली बार आईसीयू के ताले खुले हैं। वैसे इससे पूर्व भी जिला प्रशासन के आदेश के बाद पांच जून 2021 से तीन मार्च 2022 तक आईसीयू का संचालन हुआ था।
बुजुर्ग महिला का सामान्य वार्ड में चल रहा इलाज
चंपावत। 82 साल की कलावती शर्मा रक्तचाप, मधुमेह, थायराइड, ह्दयरोग, लीवर, किडनी की दिक्कत से जूझ रही हैं। उनके बेटे सूबेदार मेजर (सेवानिवृत्त) बीडी शर्मा का कहना है कि बुधवार को गंभीर हालत को देखते हुए मां कलावती को आईसीयू के लिए रेफर किया गया था लेकिन आईसीयू बंद होने से इलाज नहीं मिला। एक दिन बाद बृहस्पतिवार को भी उनका इलाज सामान्य वार्ड में ही चल रहा है। सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल का कहना है कि बीमार व्यक्ति की जरूरत को देखते हुए आईसीयू में भेजा जाता है।