चंपावत। जिला मुख्यालय में जल्द चंपावत बाईपास निर्माण का काम तेज हो गया है। काश्तकारों को भूमि का मुआवजा देने की कार्यवाही गतिमान है। चंपावत में 9.87 किमी लंबे बाईपास का निर्माण 220.88 करोड़ रुपये से किया जाएगा। बाईपास बनने से नगर में लगने वाले जाम से भी राहत मिलेगी।
अगस्त 2024 में राष्ट्रीय राजमार्ग खंड ने 308 करोड़ रुपये से बनने वाले बाईपास की डीपीआर राष्ट्रीय राजमार्ग एवं परिवहन मंत्रालय को भेजी थी। केंद्र सरकार ने डीपीआर में संशोधन करते हुए 220.88 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। इसके बाद एनएच खंड ने मुड़ियानी से तिलौन तक 9.87 किमी लंबा बाईपास निर्माण की कार्यवाही तेज कर दी है। बाईपास निर्माण में 8.94 हेक्टेयर वन भूमि और 14 हेक्टेयर नाप भूमि है।
बाईपास के लिए 24 मीटर जमीन अधिग्रहित की गई है। जबकि बाईपास 12 मीटर चौड़ा होगा। बाईपास में कुल सात छोटे-बड़े पुल और 69 कलवर्ट बनाए जाएंगे। मुड़ियानी से तिलौन तक बनने वाले इस बाईपास में 1800 से अधिक देवदार, बांज समेत अन्य प्रजाति के पेड़ आएंगे। एनएच खंड सड़क निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। एनएच के एई एनसी टम्टा ने बताया बाईपास की प्रक्रिया गतिमान है। इधर एसडीएम सदर अनुराग आर्या ने बताया कि किसानों को भूमि का मुआवजा देने की प्रक्रिया गतिमान है। 15 करोड़ से अधिक का मुआवजा संबंधित काश्तकारों के खाते में ट्रांसफर कर दिया है।