नामकरण के बाद संतों का आशीर्वाद लेतें डा.बाजश्रवा व परिवार।
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कन्या भ्रूण हत्या का जिले में भले ही एक भी मामला उजागर न हुआ हो, मगर पांच साल तक के शिशुओं का अनुपात काफी कम है। जिले में ये अनुपात 1000 बालकों में महज 878 बालिकाओं का है। इसके मद्देनजर ‘बेटी को जन्म दो’ संस्था ने यहां कन्या जन्म पर जश्न मनाकर लोगों को प्रेरित किया। यहां एक प्रवक्ता की बेटी के नामकरण के बाद यज्ञ कर खुशी मनाई गई।
आदर्श जीआईसी चंपावत के प्रवक्ता डा.बाजश्रवा आर्य और मोनिका की बेटी के जन्म पर नामकरण के बाद शुक्रवार को यज्ञ हुआ। पिथौरागढ़ से आए स्वामी गुरुकुलानंद कच्चाहारी ने यज्ञ कराया। ‘बेटी को जन्म दो’ संस्था के संयोजक डा.तारा सिंह ने कहा कि नवरात्र में बेटी के स्वस्थ लालन-पालन का संकल्प ही कन्या पूजन है। पुत्र मोह की मानसिकता को छोड़ पुत्रियों की स्नेहमयी भावना को विस्तार देना होगा।
टनकपुर में दयानंद इंटर कॉलेज के प्रबंधक आचार्य रामदेव आर्य एवं गायत्री कृपा की पौत्री के जन्म पर स्वामी ओमानंद, पंडित रघुराज शास्त्री, उत्तराखंड आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान गोविंद भंडारी आदि ने आशीर्वाद दिया। इस मौके पर डा.बाजश्रवा के भाई एवं नशाखोरी के खिलाफ अभियान चलाने वाले सिप्टी जीआईसी के प्रवक्ता सामश्रवा, नवीन आर्य, ज्योति, मंजू, मीनाक्षी, मीना, अकुल कुमार आदि मौजूद थे।
लड़ीधुरा में 108 कन्याओं का पूजन होगा
बाराकोट के लड़ीधुरा मंदिर में चैत्र नवरात्र की अष्टमी (चार अप्रैल) को 108 कन्याओं का सामूहिक रूप से पूजन होगा। लड़ीधुरा महोत्सव समिति के अध्यक्ष नगेंद्र कुमार जोशी ने बताया कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के मकसद से कन्या पूजन का कार्यक्रम बीते पांच वर्षों से किया जा रहा है। बताया कि अष्टमी को सुबह नौ बजे से गणेश पूजन के बाद सुंदर कांड का पाठ किया जाएगा। अपरान्ह 12.30 बजे से कन्या पूजन होगा। बाद में भंडारा भी होगा।