चंपावत/लोहाघाट। होली पर्व पर जिले भर में हर जगह खड़ी होली की धूम मची है। छतार, मल्लीहाट, खर्ककार्की, सिमल्टा, तामली, कोयाटी, मंच आदि स्थानों पर खड़ी होली की धूम रही। होल्यारों ने नित जमुना के तीर खेले कन्हैया, कदम चल मुरलिया ले गया चोर आदि होलियों का गायन किया।
लोहाघाट नगर के डाक बंगला रोड में शिक्षक नरेश जोशी के आवास में खड़ी होली का आयोजन किया गया, जिसमें होल्यारों द्वारा तुम सिद्धि करो महाराज होलिन के दिन में, तू भजले भवानी शंकर हो आदि होली का गायन किया गया। रायनगर चौड़ी में काले बादल में बिजली चमकेगी, बादल में बिजली चमकेगी आदि होली का गायन किया गया।
चतुर्दशी के अवसर पर गांव के होल्यारों ने शिवालय मंदिर में शंभू तुम क्यों न होली खेलत हो, तेरे जट में विराजत गंग, शिव की जटा गंभीर वा में गंगा समायो रे आदि होली गीतों से भगवान शंकर की आराधना की। कलीगांव में भलो भलो जनम लियो श्याम राधिका भलो जमन लियो मथुरा में आदि होली गीतों का गायन किया जा रहा है। पाटी में सांझ भई है मांई यशोदा घर नहीं आयो कन्हैया, कैसे रही दिन रात सीता वन में अकेली कैसे रही आदि होली गीतों का गायन किया गया।
लोहाघाट (चंपावत)। होली के अवसर पर तीलू रौतेली पुरस्कार प्राप्त रीता गहतोड़ी ने वाल्मीकि समाज के बच्चों को पढ़ाकर उन्हें ज्ञान के रंग में रंगने की शिक्षा दी। रीता का कहना है कि होली में लोग नशा करते हैं, उससे पारिवारिक माहौल तो खराब होता ही है, साथ में बच्चों का बौद्धिक विकास भी रुक जाता है। उन्होंने भाईचारे के साथ होली का आनंद लेने के लिए कहा। इस दौरान रीता ने सभी को अध्ययन सामग्री वितरित की। वहां कशिश, सरोज, आशीष, कनक, सादगी, हिना, हीर, मुस्कान, प्रशंसा, रोहिना, राज, प्रिंस, पूजा आदि बच्चे मौजूद थे।