पाटी (चंपावत)। चौमला-वालिक रोड को हॉटमिक्स के सालभर बाद ही कई जगह से डामर उखड़ने लगा है। कई कॉजवे की सरिया तक बाहर निकल आई है। इन टूटे कॉजवे के बीच से सफर जोखिमभरा हो रहा है। ग्रामीणों ने घटिया गुणवत्ता के लिए विभाग के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
एशियन विकास बैंक (एडीबी) ने 35.68 करोड रुपये की लागत से 45 किमी लंबी चौमला-वालिक रोड बनाई थी। मगर यह रोड कई जगह बेहद खराब हाल में है। नागरिकों का कहना है कि रोड और कॉजवे के बुरे हाल के चलते इसमें आवाजाही कठिन बनी हुई है। कई जगह तो कॉजवे के ऊपर सीमेंट की जगह सरिया बाहर दिख रही है।
कई बार रिपेयर हो चुकी सड़क में पाटी से चार किमी दूर किमाड़ीधार में बने दो कॉजवे की सारी सरिया बाहर निकल आई है। सरिया के नुकीले सिरे कभी भी वाहनों को क्षति पहुंचा सकते हैं, खासकर दोपहिया वाहनों के लिए तो ज्यादा खतरा है। लोहाघाट से हल्द्वानी के लिए मुख्य मार्ग होने पर भी प्रशासन की नजर उस पर नहीं पड़ रही है। सड़क के किनारे नालियों का निर्माण न होने से सारा पानी सड़कों में आ रहा है। स्थानीय लोगों ने शीघ्र कॉजवे की मरम्मत की मांग की है।
पाटी (चंपावत)। एडीबी के जूनियर इंजीनियर अमिनाथ गोस्वामी ने बताया कि वालिक से पाटी तक की रिपेयरिंग हो चुकी है। दोनों टूटे कॉजवे को जल्द सुधारा जाएगा। रिपेयरिंग का कार्य प्रगति पर है। एडीबी के सहायक अभियंता वीके सिन्हा ने बताया कि इस रोड का रखरखाव तीन साल तक करना है। अगले दो साल तक अनुरक्षण कार्य ठेकेदार की ओर से ही होगा।