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किसानों की आय का जरिया बन रही है फूलगोभी की खेती

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ंपावत के दूरस्थ मौड़ा ग्राम पंचायत में काश्तकार दीवान सिंह बोहरा ने उगाई शिमला मिर्च की पौधे। - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। जिले के भिंगराड़ा क्षेत्र में फूलगोभी की खेती किसानों की आय का जरिया बन रही है। परंपरागत सब्जी उत्पादन के स्थान पर जैविक तरीके से फूलगोभी की खेती किसानों के लाभ का सौदा बन रही है।
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उद्यान विभाग के सचल दल भिंगराड़ा की ओर से किसानों को जैविक खेती के लिए प्रेरित किए जाने से उनका रुझान भी इस तरफ बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र के अधिकतर किसान जैविक तरीके से ही फूल गोभी, पत्ता गोभी, मेथी, टमाटर, शिमला मिर्च आदि का उत्पादन कर रहे हैं। बिना किसी रासायनिक खाद अथवा उर्वरक के जरिये से उगाई गई सब्जियों की लगातार मांग बढ़ रही है। इससे अब किसानों की ओर से बड़े पैमाने पर फूलगोभी का उत्पादन किया जाने लगा है। प्रगतिशील किसान उमेश चंद्र भट्ट और देवीदत्त भट्ट की ओर से सफलतापूर्वक जैविक सब्जियों का उत्पादन किया जा रहा है। उनका कहना है कि जहां मैदानी क्षेत्र की गोभी दस से बीस रुपये किलो बिक रही है, वहीं पहाड़ की जैविक विधि से उगाई गई गोभी 30 से 40 रुपये किलो तक बिक रही है।
दीवान ने उगाए शिमला मिर्च के लाखों पौधे
चंपावत। जिले के लोहाघाट विकासखंड की मौड़ा ग्राम पंचायत के प्रगतिशील किसान नवीन सिंह बोहरा ने आधुनिक तकनीक से अपने पॉलीहाउस में शिमला मिर्च के लाखों पौधे उगाने में सफलता प्राप्त की है। उनका कहना है कि शिमला मिर्च के अलावा बैगन, टमाटर, हरी मिर्च आदि के पौधे भी तैयार किए जा रहे हैं। इस कार्य में वह अपने साथ चार अन्य लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं। (संवाद)
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