टनकपुर बैराज से नेपाल के लिए बनी भारतीय हिस्से की नहर। संवाद
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टनकपुर (चंपावत)। टनकपुर बैराज से नेपाल को सिंचाई के लिए पानी देने के लिए भारत ने करीब 1.2 किमी नेपाल सीमा तक नहर का निर्माण कर दिया है लेकिन नेपाल की ओर से नहर निर्माण का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। इस कारण टनकपुर बैराज से नेपाल को अभी पानी देना संभव नहीं है। नौ जनवरी को संभावित उद्घाटन के लिए एनएचपीसी ने तैयारी पूरी कर ली थी लेकिन इसी बीच चुनाव आचार संहिता लगने से फिलहाल नहर का उद्घाटन टल गया है।
वर्ष 1992 में बने एनएचपीसी के टनकपुर पावर स्टेशन में उसी साल 31 मार्च से बिजली उत्पादन शुरू हुआ था। टनकपुर बैराज निर्माण के समय से ही नेपाल की ओर से सिंचाई के लिए पानी देने की मांग उठती रही। इस पर एनएचपीसी ने नेपाल को पानी देने के लिए बैराज के अपस्ट्रीम में आउटलेट का स्थान तय कर दिया था लेकिन नेपाल की ओर नहर का निर्माण न होने से आगे की कार्रवाई थमी रही।
भारत-नेपाल के प्रधानमंत्रियों के बीच हुई सहमति पर पिछले वर्ष से नहर का निर्माण शुरू हुआ। बनबसा स्थित टनकपुर पावर स्टेशन के मुखिया महाप्रबंधक राजीव सचदेवा ने बताया कि एनएचपीसी ने टनकपुर बैराज से नेपाल सीमा तक करीब 57 करोड़ की लागत से करीब 1.2 किमी लंबी नहर का निर्माण पूरा कर दिया है।
एनएचपीसी इस नहर में पानी छोड़ने के लिए तैयार है लेकिन नेपाल की ओर नहर निर्माण पूरा होने पर ही यहां से नेपाल को सिंचाई के लिए पानी छोड़ दिया जाएगा। बताया गया है कि टनकपुर बैराज से नेपाल को 300 से एक हजार क्यूसेक तक पानी नेपाल की मांग एवं नदी के जलस्तर के आधार पर दिया जाएगा।