टनकपुर में कार्यक्रम में बोलते नेपाल के केंद्रीय मंत्री लेखराज भट्ट।
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नेपाल सरकार के उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री लेखराज भट्ट ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की टीम के साथ नेपाल के दोधारा-चांदनी में निर्मित हो रहे फोरलेन पुल और ड्राइपोर्ट (सूखा बंदरगाह) का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा फोरलेन पुल और ड्राइपोर्ट से दोनों देशों के सीमांत क्षेत्र का तेजी से विकास होगा। वे बनबसा, टनकपुर से होते हुए ब्रह्मदेव के रास्ते नेपाल लौटे। इस दौरान टनकपुर में व्यापार मंडल ने नेपाल के केंद्रीय मंत्री का स्वागत कर सीमा से जुड़ी समस्याएं उनके समक्ष रखीं।
यहां एक होटल में आयोजित स्वागत कार्यक्रम में नेपाल के केंद्रीय मंत्री भट्ट ने कहा भारत-नेपाल के बीच रोटी-बेटी, मजबूत धार्मिक और व्यापारिक संबंध है। टनकपुर का मां पूर्णागिरि धाम और नेेपाल का बाबा सिद्धनाथ मंदिर दोनों देशों के बीच धार्मिक रिश्तों की मिसाल हैं। संबंध मजबूत बनाने को दोनों देशों की सरकार प्रतिबद्ध है। पंचेश्वर बांध के निर्माण पर उन्होंने कहा कि बांध निर्माण के काम की गति धीमी जरूर है, लेकिन दोनों देश इस परियोजना पर मिलकर काम कर रहे हैं। काम में तेजी लाने के प्रयास किए जाएंगे।
नेपाल सरकार की ओर से भारतीय सीमा से लगे दोधारा-चांदमी में निर्मित किए जा रहे फोरलेन पुल और ड्राइपोर्ट से दोनों देशों के सीमांत क्षेत्र का तेजी से विकास होगा। नेपाल सरकार अपने सीमांत क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। भारत सरकार के समक्ष टनकपुर सीमा से सड़क संपर्क के लिए प्रस्ताव रखा जाएगा ताकि इस सीमा से भी दोनों देशों के बीच वैधानिक रूप से आवागमन सुचारु हो सके। नेपाल के सांसद डॉ. दीपक भट्ट ने भी विचार रखे।
व्यापार मंडल अध्यक्ष प्रकाश मुरारी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम का संचालन व्यापारी सत्यप्रकाश गुप्ता ने किया। इस मौके पर विधायक प्रतिनिधि बबलू गहतोड़ी, व्यापार मंडल महासचिव वैभव अग्रवाल, उपाध्यक्ष संजय अग्रवाल, कोषाध्यक्ष विजेंद्र अग्रवाल, नेपाल के सांसद नगर बहादुर धामी, कंचपुर नेपाल के जिला उद्योग वाणिज्य संघ अध्यक्ष जंग बहादुर मल, दीपक सिंह उर्फ विट्ठल, योगेंद्र सिंह ज्याल, दीनदयाल अग्रवाल, मो. उस्मान आदि मौजूद थे।