मां बाराही के धाम हर साल दूर दूर से व्यापारी अपना व्यापार करने के लिए आते हैं। बाहरी क्षेत्रों से आने वाले व्यापारियों को बग्वाल मेले से एक अलग सा लगाव हो गया है। अलग अलग क्षेत्रों के व्यापारी कई सालों से बग्वाल मेले में शिरकत कर रहे हैं।
बक्सा बनाने वाले व्यापारी हसीन अहमद 25 साल से बहेड़ी से आ रहे हैं। हर साल की तरह वह एक निश्चित जगह पर अपना व्यवसाय करते हैं। उनका कहना है कि माता की कृपा से कभी भी वह यहां से खाती हाथ नहीं जाते हैं। व्यापार में थोड़ी से दिक्कतें बारिश के कारण आती हैं। वह टिन से निर्मित बक्से, अलमारी के साथ रैक भी हाथों हाथ बनाते हैं।
राजस्थान से आई सलमा का कहना है कि वह यहां तकरीबन 11 साल से आ रही है। वह जगह-जगह पर रुक कर दराती, कुल्हाड़ी, कुदाल, फावड़ा, चाकू, कढ़ाई आदि लोहे के औजार व वर्तन बनाती हैं। वह लोहा भी अपने साथ लेकर आती है। हाथरस से पहुंचे मिठाईयों के व्यवसायी लीलाधर का कहना है कि वह लगभग 30 साल से मां बाराही धाम के बग्वाल मेले में अपनी दुकान लगाते आ रहे हैं। यहां पर विभाग द्वारा दूध तथा रसोई गैस की कमी आड़े नहीं आने दी जाती है। मेले में मां बाराही के आशीर्वाद के साथ अपना कारोबार भी हो जाता है । जब तक मां बारही के धाम में मेला लगता रहेगा तब तक वह हर वर्ष यहां आते रहेंगे।
बग्वाल मेले में रक्तदान शिविर आयोजित किया
देवीधुरा। शनिवार को बाराही धाम में काशीपुर चेरेटिबल ब्लड बैंक और पिथौरागढ़ जिला अस्पताल से आयी टीम की ओर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में युवाओं में रक्तदान को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला । शिविर में युवाओं के साथ साथ एसडीएम सीमा विश्वकर्मा ने भी रक्तदान कर लोगों का हौसला बढ़ाया। कहा कि रक्तदान किसी को दीवनदान दे सकता है। हर किसी व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए।