देवीधुरा मेले में हाथ से बने लोहे के बर्तन बेचते कारोबारी। संवाद
देवीधुरा (चंपावत)। देवीधुरा के बगवाल मेले में धार्मिक अनुष्ठान पूरे होने के बाद अब कारोबारी गतिविधियां तेज हो गईं हैं। सबसे ज्यादा मांग लोहे के हस्तनिर्मित बर्तनों की है। बगवाल मेले का समापन 10 सितंबर को होगा। इसके बावजूद मेले में सफाई न होने से गंदगी बढ़ रही है।
मां बाराही मंदिर के परिक्रमा मार्ग पर गंदगी हो रही है। गंदे पानी की निकासी न होने से सड़क पर पानी बह रहा है। दुर्गंध से परेशान पुष्कर दत्त, गोकुल चंद पुजारी, हरीश चंद्र पांडे, भुवन चंद जोशी आदि ने सफाई व्यवस्था में सुधार की मांग की है। उधर जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी का कहना है कि मेलावधि तक सफाई के लिए 25 पर्यावरण मित्र लगाए गए हैं। उन्हें सफाई के पुख्ता प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं।
ऋषेश्वर महादेव मंदिर में सुनाई भागवत कथा
लोहाघाट (चंपावत)। ऋषेश्वर मंदिर में बाबा मोहनानंद के निर्देशन में स्थानीय लोगों की ओर से भागवत कथा कराई जा रही है। जूना अखाड़ा हरिद्वार के माहेश्वरी गिरि ने कहा कि भागवत कथा मानव का कल्याण करती है। पुलहिंडोला रामलीला कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र पाटनी के निर्देशन में हरिद्वार के पुरोहित मंदिर में रोज अनुष्ठान करवा रहे हैं। दोपहर बाद कथावाचक व्यास पंडित नीरज जोशी ने ध्रुव, भरत, प्रह्लाद की कथा सुनाई। शनिवार रात धनुष यज्ञ, परशुराम-लक्ष्मण संवाद का शानदार मंचन किया गया।