नेपाल के ब्रह्मदेव में स्थित बाबा सिद्घनाथ का मंदिर।
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पूर्णागिरि मेला नेपाल के सीमांत ब्रह्मदेव बाजार के कारोबार को भी बरकत देता है। वहां के व्यापारी भी मेले का साल भर बेसब्री से इंतजार करते हैं। बाबा सिद्धनाथ के दर्शन को जाने वाले यात्री बाजार से जमकर खरीदारी कर लौटते हैं।
नेपाल के साथ दोस्ताना संबंधों के साथ ही भारत-नेपाल के बीच कारोबारी नाता जोड़ने में पूर्णागिरि मेला अहम भूमिका निभाता है। पूर्णागिरि धाम का धार्मिक महत्व नेपाल से जुड़ा होने से पूर्णागिरि धाम आने वाले श्रद्धालु नेपाल के ब्रह्मदेव में स्थित बाबा सिद्धनाथ मंदिर के दर्शन को अवश्य जाते हैं।
श्रद्धालु बाबा सिद्धनाथ के दर्शन के साथ ही यहां से विदेशी सामान की खरीदारी भी करते हैं। ब्रह्मदेव के व्यापारी दशरथ भारती, दीपक जोशी, दीपक छोटू आदि का कहना है कि पूर्णागिरि मेले से बाजार में चहल-पहल बढ़ने के साथ ही कारोबार का ग्राफ भी काफी बढ़ जाता है। उनका कहना है कि ब्रह्मदेव के व्यापारियों को भी पूर्णागिरि मेले का इंतजार रहता है।
दस हजार श्रद्धालुओं ने किए देवी मां के दर्शन
टनकपुर। पूर्णागिरि मेले में सोमवार को 24 घंटे में करीब दस हजार भक्त देवी मां के दर्शन को पहुंचे। मेले में इन दिनों यात्रियों की आमद कम होने से चहल-पहल भी कम हो गई है। माना जा रहा है कि मैदानी क्षेत्र में गेहूं फसल की कटाई के चलते श्रद्धालु कम आ रहे हैं। नेपाल से आने वाले श्रद्धालुओं की भी इन दिनों आमद कम है।
मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय का कहना है कि फसल कटाई और लोकसभा चुनाव की वजह से यात्री कम आ रहे हैं लेकिन चुनाव के बाद मां के धाम में फिर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी।