लोहाघाट (चंपावत)। गौं घरों में बल्द त्यार बड़ी धूमधाम क साथ मनाई गौ। विशेष रूप ले सीमांत क्षेत्रों क गौं में यो त्यार मनाई गौ। लोगों ले भगवान शिवजी की सवारी नंदी बल्द हन आधार मानीबेर एक च्येल की जस मेहनत करीबेर सुक्क पहाड़ों की धरती हन खनीबेर उपजाऊ बनूनिन्य वाल बल्दों की पूज करी गै।
संस्कृति के जानकार शिक्षक नरेश राय और डॉ. सतीश पांडेय कन छ कि त्रिपुरी पुन्यू हन त्रिपुरासुर हन मारन है पैंले भगवान शिवजी ले दशमी और एकादशी के योग में अपनी सवारी नंदी हन सजा राक्छ्यो। बल्द त्यार हन ली बेर लोगों में काफी उत्साह छ्यो। बृहस्पतिवार की रात के लोगों ले आपन घरों में विशेष पकवान बनायान।
हरिबोधिनी एकदशी शुक्रवार हन लोगों ले जां आपन नानतिनों हन नय कापड़ पैरायान वांई उनूंले आपन बल्दों हन खूब सजा राक्छ्यो। लोगों ले आपनी हैसियत क हिसाब ले बल्दो क गल में घंटी, खांखर बांधन क साथ सीगों में विशेष रूप से चित्त फुरक लगायान। बल्दो क सींगो में तेल लगाबेर उनूंहन खिचड़ी, पूरी आदि पकवान खवायान।
लोगों ले बल्दों की पूज पाठ करीबे र कौ छ कि तुमुले खूब मेहनत करीबेर मेर भंडार भरी बेर मेर नानतिनों को पूरो करिछ, तुमर कंध हमेशा सलामत रयो। लोगों ले आज क दिन बल्दों थैं लोग कोई काम ना लिन। गुमदेश क सीमांत गौं लेटी डुंगरा, सूंगरखाल, जमरसों, बगोटी, चामा, गुरेली, सुनकुरी, मडलक आदि गौं में बल्द त्यार काफी धूमधाम क साथ मनाई गौ। ये मौक में लोगों ले आपन घर में तुलसी को उद्यापन ले करछ।