जलता बल्व देखते गांव बिजली आने से खुश बुडम के ग्रामीण।
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दीपावली पर्व को अब एक सप्ताह का समय शेष है, लेकिन जिले के दुर्गम गांव बुडम-बकोटिया के लोगों के लिए यह सप्ताह दीपावली पर्व से कम नहीं था। आजादी के 72 साल बाद गांव में बिजली का उजाला पहुंचते ही समूचा गांव खुशी से झूम उठा। बल्बाें के जलते ही गांव का बच्चा हों या बुजुर्ग हर कोई नाचने लगा।
जिले का सूखीढांग क्षेत्र से लगा दुर्गम बुडम-बकोटिया गांव के लोग विकास के इस युग में आज भी बिजली की सुविधा से वंचित थे। गांव के करीब 127 परिवार आजादी के बाद से गांव में बिजली पहुंचने का इंतजार कर रहे थे। विधायक कैलाश गहतोड़ी की पहल पर उनका यह सपना आज पूरा हो गया। पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना के तहत गांव में बिजली का उजाला पहुंचा है।
विद्युत विभाग के चंपावत एसडीओ विकास भारती ने बताया कि बुडम को इसी वर्ष मई में बिजली सुविधा से जोड़ने का काम शुरू हुआ था। छह माह में मथियाबांज से करीब छह किमी. लंबी लाइन बिछाकर गांव में बिजली पहुंचाई गई है। सोमवार को जेई आरसी पंत की मौजूदगी में स्वीच ऑन करते ही घरों में बल्ब जगमगा उठे।
बिजली आने से खुश ग्राम प्रधान पदमा देवी के अलावा विजेंद्र सिंह, खीम सिंह, नरेंद्र सिंह, देवराम, लक्ष्मण राम, आनंदी देवी, परी देवी, संपति देवी, नारायणी देवी, मधी देवी आदि ग्रामीणों ने कहा कि गांव में बिजली आने से रात में वन्यजीवों व अपराधियों का खतरा नहीं रहेगा। उनके बच्चे भी अब बिजली के उजाले में पढ़ाई कर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने इसके लिए विधायक का आभार व्यक्त किया है।