पुलहिंडोला के लोग गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। यहां छह हैंडपंपों में से तीन खराब हैं, बाकी तीन की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। नतीजतन लोग दो किमी दूर चरनौला गधेरे से सर में पानी ढोकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। यहां के लिए नलकूप द्वारा की जाने वाली पेयजल आपूर्ति व्यवस्था मंझधार में फंसी हुई है।
जल निगम की इलेक्ट्रिकल और मेकेनिकल विंग ने नलकूप की खुदाई तो कर दी है, लेकिन लाइनों को बिछाने का कार्य ठप पड़ा हुआ है। इस बीच जल निगम की हड़ताल के कारण ग्रामीणों की कोई सुध नहीं ले रहा है।
पेयजल समस्या को लेकर देवेंद्र पाटनी की अध्यक्षता तथा भुवन भट्ट के संचालन में हुई बैठक में दीपा धौनी, भागीरथी वर्मा, मीनू पंत, ज्योति, पुष्पा पाटनी, विमला, किरन, कमला, निर्मला, पुष्पा वर्मा आदि महिलाओं का कहना था कि पेयजल समस्या ने यहां के लोगों को रुलाकर रखा हुआ है। जल निगम ने नलकूप से तीन सौ एलपीएम पानी निकालकर दिखाया गया था।
लोगों ने सोचा था कि इस दफा गर्मियों में महिलाओं को पेयजल संकट से नहीं जूझना पड़ेगा। लेकिन जल निगम की सुस्त कार्यप्रणाली से लोगों में रोष है। मीनू पंत का कहना है कि यदि शीघ्र नलकूप में द्वितीय चरण का कार्य शुरू नहीं किया गया तो महिलाएं सड़कों में उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगी।