सीमांत पुलहिंडोला कस्बे के नवनिर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की कमी के चलते लोगों को इलाज के लिए अन्य स्थानों पर जाना पड़ रहा है। कहने को तो अस्पताल में पांच संविदा डॉक्टर कार्यरत हैं, लेकिन उनमें से अधिकांश डॉक्टरों का कोई अता-पता नहीं रहता है।
अस्पताल में एक आयुर्वेद, तीन एलोपैथ और एक होम्योपैथ डॉक्टर की तैनाती की गई है, लेकिन डॉक्टरों के अस्पताल नहीं आने से रोगियों को काफी दिक्कतें हो रही हैं।
इस अस्पताल में पुल्ला सहित डुमडाई, बिल्दे, खेतसारी, खेतकुनी, ढोरजा, डुुंगरी आदि स्थानों की दस हजार से अधिक की आबादी निर्भर है। अस्पताल में प्रतिदिन 60 से 70 मरीज पहुंचते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि डॉक्टरों की कमी के चलते यहां तैनात फार्मेसिस्ट एससी सिंह एवं अमित रतूड़ी को भी रोगियों का इलाज करना पड़ रहा हैं।
गैर हाजिर डॉक्टरों पर हो कार्रवाई
भाजपा ग्रामीण मंडल के अध्यक्ष देवेंद्र पाटनी का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र का अस्पताल होने के कारण डॉक्टर मनमर्जी से यहां आते हैं। अस्पताल में डॉक्टरों की तैनाती होने के बावजूद कई डॉक्टरों का अस्पताल न आना क्षेत्रीय जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने अस्पताल से गैर हाजिर रहने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मजबूरन अन्यत्र इलाज के लिए जा रहे हैं मरीज
ग्रामीण मोहन सिंह का कहना है कि क्षेत्र के पुलहिंडोला में मात्र एक ही सरकारी अस्पताल है, इसमें भी डॉक्टरों की कमी के चलते लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि यहां तैनात सभी डॉक्टरों के अस्पताल नहीं आने से लोगों को मजबूरन अन्यत्र इलाज के लिए जाना पड़ता है। उन्होंने यहां तैनात सभी डॉक्टरों को अस्पताल भेजने की मांग की है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
मुख्य चिकित्साधिकारी डा.डीएल शाह का कहना है कि डॉक्टरों की कमी को दूर करने का प्रयास किए जा रहे हैं। अस्पताल में तैनात डॉक्टरों के अनुपस्थित रहने के मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।