चंपावत। सार्वजनिक स्वास्थ्य को सुधारने की दिशा में यह उम्दा कदम है। चंपावत जिले के दो प्रमुख अस्पतालों को आधुनिक तकनीक की अल्ट्रासाउंड मशीनें मिलेंगी। ये मशीनें जिला योजना से खरीदी जाएंगी।
लोहाघाट और टनकपुर के उप जिला अस्पतालों में नई अल्ट्रासाउंड मशीनें आएंगी। रेडियोलॉजिस्ट डॉ. एलएम रखोलिया बताते हैं कि इस नई तकनीक की मशीन से परीक्षण रिपोर्ट अधिक सटीक आएगी। साथ ही कलर डॉप्लर की सुविधा के अलावा गर्भवती महिलाओं की जांच (टीबीएस) बेहतर तरीके से हो सकेगी। सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने बताया कि ये दोनों मशीनें 54 लाख रुपये से खरीदी जाएंगी। वैसे बता दें कि इन दोनों अस्पतालों में अभी पुरानी तकनीक की मशीन है, जिससे कई बार अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट को लेकर संशय की स्थिति रहती है।
अल्ट्रासांउड मशीनें तीन, रेडियोलॉजिस्ट दो
चंपावत। जिले में तीन अल्ट्रासाउंड मशीनें हैं। चंपावत जिला अस्पताल में नई तकनीक की मशीन है, जबकि टनकपुर और लोहाघाट के उप जिला अस्पताल में पुरानी मशीनें हैं। लेकिन जिले में दो ही रेडियोलॉजिस्ट होने से टनकपुर में नियमित रूप से परीक्षण नहीं हो पाते हैं। अलबत्ता व्यवस्था बनाए रखने के लिए टनकपुर अस्पताल में सप्ताह में दो दिन (शुक्रवार और शनिवार) लोहाघाट के रेडियोलॉजिस्ट परीक्षण करते हैं। वैसे पहली मई से जिला अस्पताल में भी ओपीडी बंद होने से अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे हैं। पीएमएस डॉ. आरके जोशी का कहना है कि कोविड अस्पताल बनने की वजह से ये परीक्षण सिर्फ आकस्मिक और आपातकालीन सेवा में ही कराए जा रहे हैं।
काफी देर बाद खुला अल्ट्रासाउंड कक्ष का ताला
चंपावत। लोहाघाट के रेडियोलॉजिस्ट सप्ताह में दो दिन टनकपुर में परीक्षण करते हैं। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से शुक्रवार को वे टनकपुर नहीं पहुंच सके थे। लोहाघाट-टनकपुर के बीच सिन्याड़ी के पास बंद सड़क खुलने के बाद वे शनिवार सुबह टनकपुर पहुंचे, लेकिन काफी देर तक अल्ट्रासाउंड कक्ष ही नहीं खुला। इससे सुबह साढ़े नौ बजे से करीब आधा घंटे तक रेडियोलॉजिस्ट डॉ. एलएम रखोलिया को इंतजार करना पड़ा। अलबत्ता बाद में कक्ष खुलने पर उन्होंने कोरोना से बचाव को पीपीई किट पहनकर शनिवार को 22 लोगों का परीक्षण किया।