तीन दिन बीत गए हैं, लेकिन गुमदेश क्षेत्र के पुलहिंडोला में पेयजल संकट बरकरार है। मांडेक्स हैंडपंप ठीक नहीं होने से यहां के लोग दूसरी जगहों से प्यास बुझाने को मजबूर हैं। बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्र भी पढ़ाई छोड़कर पानी की व्यवस्था करने में जुटे हैं। ग्रामीणों ने जल्द पानी की समस्या हल नहीं करने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
सरकारी पेयजल योजना से वंचित पुलहिंडोला की प्यास बुझाने का एकमात्र आसरा यहां लगे हैंडपंप थे, लेकिन सभी छह मांडेक्स हैंडपंप के खराब होने से लोग पानी के लिए तरस गए हैं। यहां के लोग 300 मीटर से दो किमी दूर तक पानी लेने जाने को मजबूर हैं। विजय प्रकाश जोशी, नकुल पंत सहित तमाम ग्रामीणों का कहना है कि पुल्लागांव, खालगढ़ा, भैसोड़ी आदि जगहों से पानी ला रहे हैं।
आसपास के गांवों से पुलहिंडोला आकर बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों को भी पढ़ाई से ज्यादा चिंता पानी की करनी पड़ रही है। बोर्ड परीक्षार्थी पंकज भंडारी, अमित भंडारी सहित कई छात्रों का कहना है कि उनके करीब दो घंटे पानी ढोने में लग रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रविवार तक हैंडपंपों को ठीक करने का भरोसा दिलाया गया था, मगर आज तक हालात नहीं बदले। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द हैंडपंप ठीक करा पेयजल आपूर्ति सुचारु न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। उधर, जल संस्थान चंपावत डिवीजन के अधिशासी अभियंता विशाल सक्सेना का कहना है कि हैंडपंप को ठीक कराने के लिए डीडीहाट गई गाड़ी को बुलाया गया है। जल्द ही हैंडपंप ठीक करा लिए जाएंगे।
लीकेज से बढ़ा पेयजल संकट
रीठा साहिब की पेयजल लाइन में लीकेज में काफी पानी बर्बाद हो रहा है। इससे लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। लोगों का कहना है कि विभाग लोगों को जरूरत का आधा पानी भी नहीं दे पा रहा है, मगर रखरखाव की कमी से हो रहे लीकेज से बड़ी मात्रा में पानी बर्बाद हो रहा है। ग्रामीणों ने जल संस्थान से तुरंत लीकेज की मरम्मत करने के साथ ही पेयजल आपूर्ति को ठीक करने की मांग की है।