चंपावत। करीब पांच साल से तैयार ब्लड बैंक अगले दो माह में शुरू होने की उम्मीद है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय से चंपावत सहित प्रदेश के तीन जिलों को ब्लड बैंक शुरू करने की मंजूरी के बाद इस उम्मीद को पंख लगे हैं। स्वास्थ्य महानिदेशालय की हरी झंडी के बाद पिछले साल दिसंबर में लैब तकनीशियन के पदों को भरा जा चुका है। ब्लड बैंक के लिए जरूरी उपकरणों की खरीद प्रक्रिया चल रही है।
जिला अस्पताल में 2012 में करीब 22.90 लाख रुपए से ब्लड बैंक भवन का निर्माण किया गया था लेकिन उपकरणों के अभाव और पदों के न भर पाने के कारण लाइसेंस नहीं मिल सका। इसके संचालित न होने की वजह की थी लेकिन अब ये दोनों अड़चनें दूर हो रही हैं। राज्य एड्स नियंत्रण समिति (नाको) के सहायक परियोजना निदेशक डॉ. विनोद टोलिया ने बताया कि उपकरणों के लिए दो माह पूर्व 36 लाख रुपए रिलीज हो चुके हैं।
साथ ही ब्लड बैंक के लिए दो लैब तकनीशियनों की तैनाती भी की जा चुकी है। जिला अस्पताल में पैथोलॉजिस्ट, स्टाफ नर्स आदि पदों की तैनाती है। इन्हें यहीं से ब्लड बैंक ट्रांसफर किया जाएगा। सीएमओ डॉ. डीएल शाह ने बताया कि उपकरण इंस्टालेशन के बाद भारत सरकार की टीम मुआयना कर ब्लड बैंक का लाइसेंस देगी। इस प्रक्रिया में करीब दो माह और लगेंगे।
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक (सीएमएस) डॉ. आरके जोशी ने बताया कि ब्लड बैंक की जरूरी प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जा रहा है। आउटसोर्सिंग से दो लैब तकनीशियनों की तैनाती की जा चुकी है। ब्लड बैंक के लिए रेफ्रिजरेटर, डोनर बेड, एलाइजर रीडर, रिएजेंट किट, हीमोग्लोबिन मीटर, ब्लड बैंक भवन में एयरकंडीशनर, इंटरनेट के साथ कंप्यूटर प्रिंटर आदि जरूरी सामग्री की खरीद के ऑर्डर दिए जा चुके हैं। ब्लड बैंक भवन में जरूरी सुधार आदि कार्य मार्च के दूसरे सप्ताह तक पूरे कर लिए जाएंगे।
ब्लड बैंक भवन बनने के बाद के पांच वर्षों में यहां वक्त में खून न मिलने से एक महिला क्षेत्र पंचायत सदस्य सहित करीब 81 लोगों की मौत हो चुकी है। ब्लड बैंक शुरू होने से खून की कमी से मौत कम होगी। पिछले साल सात जून को बेटी को जन्म देने के बाद चंपावत के पवैत गांव की दीपा पांडेय की अत्यधिक रक्तस्राव से मौत हुई थी।
इसके बाद लोगों में ब्लड बैंक को लेकर उबाल रहा। तब फौरी राहत देने के लिए ब्लड स्टोरेज यूनिट की बात कही गई, लेकिन तकनीकी अड़चनों के चलते इसे भी शुरू नहीं कराया जा सका। मगर अब भारत सरकार की हरी झंडी मिलने से ब्लड बैंक के जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी है।