चंपावत विधानसभा सीट में भाजपा में बगावत शुरू हो गई है। पूर्व राज्य मंत्री बीना महराना और पूर्व विधायक केसी पुनेठा ने भाजपा छोड़ दी है। दोनों नेताओं ने निर्दलीय मैदान में उतरने से इंकार नहीं किया है।
शुक्रवार को पूर्व राज्य मंत्री महराना और पूर्व विधायक पुनेठा ने पत्रकार वार्ता में पार्टी छोड़ने का ऐलान किया। प्रदेश अध्यक्ष को भेजे संयुक्त इस्तीफे में दोनों नेताओं ने कहा कि वे कांग्रेस युक्त हो चुकी भाजपा से नाता तोड़ रहे हैं। जिन भ्रष्टाचारी नेताओं के खिलाफ पार्टी ने मोर्चा खोला, आज भाजपा उन्हीं नेताओं को पलकों पर बिठा रही है। पार्टी नेता कह रहे हैं कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर प्रत्याशियों का चयन किया गया है, लेकिन सुबह पार्टी में शामिल होने वालों को शाम को ही टिकट दे दिए गए। भाजपा पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सिद्धांतों पर चलने वाली पार्टी नहीं रह गई है।
कांग्रेस पर परिवारवाद का आरोप लगाने वाली भाजपा ही अब परिवारवाद को बढ़ावा दे रही है। निर्दलीय मैदान में उतरने के बारे में पूछे गए सवाल पर दोनों नेताओं ने कहा कि इस बारे में विचार कर जल्द फैसला लिया जाएगा। भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं में प्रत्याशी चयन को लेकर नाराजगी है। पार्टी के भरोसेमंद सूत्रों का कहना है कि दो और वरिष्ठ नेता शनिवार को पार्टी से नाता तोड़ सकते हैं। बताया जाता है कि इस्तीफे का मन बनाने वाले ये दोनों नेता पूर्व में जिलाध्यक्ष रह चुके हैं।
उप्र विधानसभा में दो बार विधायक रहे हैं पुनेठा
बीना महराना 2007 में न केवल चंपावत सीट से विधायक थीं, बल्कि खंडूरी कैबिनेट में राज्यमंत्री भी रहीं। केसी पुनेठा उत्तर प्रदेश विधानसभा में दो बार (1991और 1998) पिथौरागढ़ से विधायक रहे। भाजपा की अंतरिम सरकार के दौरान उन्हें हिल्ट्रान का अध्यक्ष बनाया गया था। उत्तराखंड विधानसभा के 2002 व 2007 के चुनाव में उन्हें लोहाघाट सीट से दोनों बार कांग्रेस के हाथों शिकस्त मिली।
वाट्सएप के जरिए दोनों नेताओं के इस्तीफे मिले हैं। पत्र की जानकारी प्रदेश नेतृत्व को दी जा रही है। साथ ही वरिष्ठ नेताओं से वार्ता कर उन्हें मनाने का प्रयास किया जाएगा।
- हिमेश कलखुड़िया जिलाध्यक्ष, भाजपा।
भाजपा पूर्व महामंत्री 24 को करेंगे नामांकन
भाजपा प्रत्याशी के नाम का ऐलान होने के तुरंत बाद पार्टी छोड़ने वाले भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री दीपक पाठक बागी प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतर सकते हैं। तीन दिन से वे लगातार टनकपुर-बनबसा क्षेत्र में लोगों के बीच उनकी राय जान रहे हैं। उनके प्रवक्ता का कहना है कि लोगों के सकारात्मक रुख को देखते हुए श्री पाठक चुनाव लड़ने का मन बना रहे हैं। संभवत: वे 24 जनवरी को नामांकन कर सकते हैं। वहीं एक अन्य असंतुष्ट नेता मदन सिंह महर भी हालात पर पैनी नजर रखे हैं। उनका कहना है कि चुनाव लड़ने को लेकर रविवार तक रणनीति तय कर ली जाएगी।