चंपावत। चार ब्लाक वाले चंपावत जिले के ब्लाक प्रमुख पद के लिए भाजपा ने अपने प्रत्याशियों का एलान कर दिया है। इसी के साथ सियासी हलचल भी तेज हो गई है। मगर दूसरी तरफ प्रमुख विरोधी दल कांग्रेस की ओर से अभी तक प्रत्याशियों को लेकर अभी मंत्रणा भी शुरू नहीं हुई है। भाजपा चार ब्लाकों में से तीन में बेहद सशक्त है। जबकि एक ब्लाक में उसके पास सबसे ज्यादा सीटें हैं।
पत्नी के बाद प्रमुख बनने की राह पर चले पति मुकेश
चंपावत। जिले के सबसे बड़े ब्लाक चंपावत के ब्लाक प्रमुख पद पर भाजपा ने मुकेश महराना को पार्टी प्रत्याशी बनाया है। लंबी सियासी विरासत वाले मुकेश पीजी पास हैं। वे 2007 में जिला पंचायत सदस्य के उप चुनाव में बिरगुल से निर्विरोध सदस्य बनने के अलावा इस बार भी निर्विरोध बीडीसी सदस्य बने हैं। उनकी पत्नी निर्मला महराना 2007 में ब्लाक प्रमुख रहने के अलावा 2014 में जिला पंचायत सदस्य रह चुकी हैं। उनके चाचा स्वर्गीय मदन महराना चंपावत जिले के पहले जिला पंचायत अध्यक्ष रहे हैं। जबकि चाची बीना महराना 2007 में बीसी खंडूरी की सरकार में राज्य मंत्री रह चुकी हैं। मगर इस बार चंपावत के ब्लाक प्रमुख पद की लड़ाई आसान नहीं है। अब तक के समीकरण को देखते हुए 40 सदस्यीय चंपावत ब्लाक में यहां बेहद कांटे का मुकाबला है। अलबत्ता उनका दावा है कि पार्टी यहां आसानी से जीत जाएगी। ब्यूरो
विधायक के संबंधी होने से आसान हुई नेहा की मंजिल
लोहाघाट (चंपावत)। महिला आरक्षित लोहाघाट ब्लाक प्रमुख में भाजपा ने नेहा ढेक को प्रत्याशी बनाया है। लोहाघाट के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल के भांजे और पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष महेंद्र ढेक की पत्नी नेहा के पक्ष में आसान जीत के समीकरण है। 34 सदस्यों वाले लोहाघाट ब्लाक में 25 से अधिक सदस्य भाजपा के होने से माना जा रहा है कि यहां निर्विरोध निर्वाचन की अधिक संभावना है। बंदेलाढेक सीट से पहली बार क्षेत्र पंचायत सदस्य बनीं नेहा की शैक्षिक योग्यता पीजी है। उनके पति महेंद्र ढेक भी बीडीसी सदस्य के लिए चुने गए हैं। ब्यूरो
चंपावत के पूर्व प्रमुख की पत्नी पर जताया भरोसा
बाराकोट (चंपावत)। बाराकोट ब्लाक चंपावत जिले का सबसे छोटा ब्लाक है। यहां बीडीसी की महज 20 सीटें हैं, लेकिन यहां की सियासी जंग सबसे रोचक होने के आसार है। भाजपा ने यहां से विनीता फर्त्याल को दावेदार बनाया है। निर्विरोध बीडीसी सदस्य बनीं विनीता पिथौरागढ़ जिला सहकारी बैंक की उपाध्यक्ष भी रह चुकी हैं। उनके पति बहादुर सिंह फर्त्याल 2003 में कांग्रेस से चंपावत के ब्लाक प्रमुख रह चुके हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव से कुछ समय पूर्व वे भाजपा में शामिल हुए थे। ब्यूरो
हल्द्वानी की छात्रा सुमनलता को मिला पाटी से टिकट
पाटी (चंपावत)। आमतौर पर सबसे संवेदनशील पाटी ब्लाक में इस बार सियासी तौर पर सन्नाटा है। इसकी बड़ी वजह यहां के प्रमुख पद की सीट का अनुसूचित महिला जाति के लिए आरक्षित होना है। भाजपा ने सुमनलता को पाटी से ब्लाक प्रमुख पद के लिए अपना प्रत्याशी बनाया है। सिर्फ 23 साल की सुमनलता हल्द्वानी से एमकॉम की पढ़ाई भी कर रही हैं। देवीधुरा से क्षेत्र पंचायत सदस्य चुनी गईं सुमनला के पिता 2008 में ग्राम प्रधान रह चुके हैं। 40 सदस्यीय पाटी ब्लाक में भाजपा के 30 से अधिक सदस्य होने से पार्टी जीत के प्रति आश्वस्त है। ब्यूरो
घेराबंदी : जिले से बाहर हैं 21 बीडीसी सदस्य!
चंपावत। ब्लाक प्रमुख चुनाव में जीत को पक्का करने के लिए संभावित दावेदार तमाम तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक जिले के चारों ब्लाकों के 134 बीडीसी सदस्यों में से करीब 21 सदस्य जिले से बाहर हैं। इनमें से कुछ सदस्य स्वेच्छा से प्रत्याशी के खेमे में हैं, तो कुछ की घेराबंदी की गई है।
ब्लाक प्रमुख के चुनाव की तिथि का भले ही एलान न हुआ हो, मगर संभावित तिथि के नजदीक आने के साथ ही सियासी जोड़तोड़ तेज हो गई है। सूत्र बताते हैं कि चंपावत, पाटी और बाराकोट ब्लाक के करीब 21 सदस्य अंडर ग्राउंड हैं। ये तमाम सदस्य जिले से बाहर सुरक्षित ठिकाने में भेजे गए हैं, ताकि दूसरे पक्ष के लोग इनसे संपर्क नहीं कर सके। सबसे ज्यादा हलचल बाराकोट और चंपावत ब्लाक को लेकर है। वहीं प्रत्याशियों का कहना है कि उन्होंने न किसी को बंधक बनाया है और नहीं किसी के साथ जोर- जबरदस्ती की है।
वहीं डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय का कहना है कि किसी भी बीडीसी या जिला पंचायत सदस्य के साथ किसी तरह की जोर-जबरदस्ती का कोई मामला अभी तक सामने नहीं आया है। ऐसे मामलों की शिकायत के लिए समिति बनाई गई है। अगर कोई शिकायत आएगी, तो कार्यवाही की जाएगी। वहीं एसपी धीरेंद्र गुंज्याल का कहना है कि पुलिस और खुफिया विंग नजर रखे हुए हैं।