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भाजपाइयों ने शारदा रेंज कार्यालय में हंगामा किया

Tue, 16 May 2017 11:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर
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पूर्णागिरि मार्ग पर उचौलीगोठ वाहन पार्किंग स्थल की भूमि पर बन रहे पक्के शौचालय को वन विभाग द्वारा ध्वस्त करने के विरोध में भाजपाइयों ने सोमवार रात शारदा रेंज कार्यालय में देर रात तक हंगामा किया। वन कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर वे कोतवाली में धरने पर बैठे। उन्होंने वन कर्मियों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर भी दी है। इधर, वन विभाग ने मारपीट की बात से इनकार किया है।

बीएडीपी मद से उचौलीगोठ वाहन पार्किंग स्थल पर मेले की आयोजक संस्था जिला पंचायत द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए छह लाख रुपये की लागत से दस सीट वाले पक्के शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है, जिसे सोमवार को वन दरोगा मुनीष राणा के नेतृत्व में शारदा रेंज की टीम ने मौके पर पहुंचकर वन भूमि पर अतिक्रमण बताते हुए ध्वस्त कर दिया। निर्माण ध्वस्त करने का पता चलने पर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुभाष बगौली के नेतृत्व में कार्यकर्ता सोमवार देर शाम शारदा रेंज कार्यालय पहुंचे और हंगामा काटना शुरू कर दिया। सूचना पर एसडीएम अनिल चन्याल, सीओ आरएस रौतेला एवं कोतवाल अरुण वर्मा भी रेंज कार्यालय पहुंचे और भाजपाइयों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने और हंगामा करते रहे।
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अधिकारियों के रेंज कार्यालय से जाने के बाद भाजपाई कोतवाली में धरने पर बैठ गए। मंगलवार सुबह विधायक के बडे़ भाई मदन गहतोड़ी ने कोतवाली पहुंचकर घटना की जानकारी ली और कार्यकर्ताओं को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। बाद में एसडीएम और सीओ ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर उच्च अधिकारियों को वस्तुस्थिति से अवगत कराया है। कोतवाल वर्मा ने बताया कि भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा दी गई तहरीर पर मामले की छानबीन की जा रही है। इधर, बताया गया कि मामले को लेकर हल्द्वानी वन प्रभाग के डीएफओ डा. चंद्रशेखर सनवाल एवं एसपी रामचंद्र राजगुरु यहां आ रहे हैं, जो खबर लिखे जाने तक नहीं पहुंचे थे। विरोध-प्रदर्शन करने वालों में भीम रजवार, सभासद मुकेश साहू, योगेश जोशी, गिरीश वर्मा आदि शामिल थे।


रेंजर और कोतवाल के स्थानांतरण की जिद पर अड़े रहे भाजपाई 
उचौलीगोठ पार्किंग स्थल पर भूमि विवाद के चलते पक्के शौचालय निर्माण को तोड़ने के विरोध में कोतवाली में धरने पर बैठे भाजपाई शारदा रेंज के रेंजर ख्याली राम आर्य और कोतवाल अरुण कुमार वर्मा के स्थानांतरण की जिद पर अड़े रहे। बाद में वे विधायक के बड़े भाई मदन गहतोड़ी के समझाने और जरूरी कार्रवाई के आश्वासन पर माने।
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रिजर्व फारेस्ट में गैर वानिकी कार्य पर हाइकोर्ट की है रोक
पूर्णागिरि मेले के आयोजन में 2010 में वन भूमि का विवाद उठने पर मेले के आयोजन को लेकर संशय की स्थिति पैदा हो गई थी। पर्यावरणविद् डा. अजय सिंह रावत की जनहित याचिका पर हाइकोर्ट ने पूर्णागिरि धाम के रिजर्व फारेस्ट लैंड में किसी भी तरह के गैरवानिकी कार्य पर रोक लगा दी थी। इससे मेले की व्यवस्था करना आयोजक जिला पंचायत और प्रशासन के लिए भारी पड़ गया था। विशेषकर वाहन पार्किंग स्थल प्रशासन के लिए बड़ी समस्या बन गई थी। तब तत्कालीन मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम शिवचरण द्विवेदी की पहल पर उचौलीगोठ में कथित तौर पर राजस्व भूमि का चयन कर वहां पार्किंग स्थल बनाया गया। बीते छह सालों से न सिर्फ यह पार्किंग स्थल अस्तित्व में है, बल्कि प्रशासन द्वारा इस भूमि पर पार्किंग शुल्क वसूली का ठेका भी आवंटित किया जा रहा है, लेकिन पार्किंग स्थल की इस भूमि पर पक्के शौचालय का निर्माण कराने से भूमि पर मालिकाना हक का विवाद पैदा हो गया है। वन विभाग रिजर्व फारेस्ट तो प्रशासन राजस्व लैंड बता रहा है। इसी विवाद के चलते सोमवार को शारदा रेंज के वन कर्मियों ने वहां बनाए जा रहे पक्के शौचालय निर्माण को ध्वस्त किया। वन क्षेत्राधिकारी ख्याली राम आर्य का कहना है कि उक्त भूमि रिजर्व फारेस्ट है। वर्ष 1980 में वन विभाग ने रिजर्व फारेस्ट में बने पूर्णागिरि मार्ग को लोनिवि को हस्तांतरित किया है, लेकिन मार्ग के आसपास की भूमि अब भी रिजर्व वन भूमि है, जिस पर किसी तरह का पक्का निर्माण नहीं कराया जा सकता है।
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