Big test of parents before board exams
बचंपावत। कोविड-19 के चलते उत्तराखंड बोर्ड के बचे हुए पेपर की परीक्षाएं 20 जून से 23 जून तक चलेंगी। करीब तीन महीने तक लटके ये पेपर परीक्षार्थियों का ही नहीं, उनके अभिभावकों का भी इम्तिहान लेंगे। कोरोना के खतरों के बीच हो रही परीक्षा के लिए विभाग ने गाइडलाइन जारी करते हुए ढेरों एहतियाती उपाय किए हैं। सबसे तगड़ी चुनौती अभिभावकों के लिए हैै, जिन्हें अपने बच्चों को परीक्षा फोबिया से बचाने के साथ उनके स्वस्थ होने का प्रमाणपत्र भी देना होगा। हाईस्कूल में गणित, उर्दू व संस्कृत तथा इंटर में संस्कृत, जीव विज्ञान, गणित व समाज शास्त्र के पेपर होने हैं।
मुख्य शिक्षाधिकारी आरसी पुरोहित ने बताया कि शासन की ओर से जारी दिशा-निर्देश के क्रम में परीक्षा से पूर्व अभिभावकों को अपने बच्चों के स्वस्थ होने खासकर आईएलआई (इंफ्लूएंजा लाइक इलनैस) के किसी तरह के लक्षण नहीं होने का प्रमाणपत्र देना होगा। इस प्रमाणपत्र में इस बात का उल्लेख किया गया है कि उनके बच्चों को बुखार, जुकाम, सर्दी, खांसी या सांस लेने में तकलीफ आदि के बीते 14 दिनों से कोई लक्षण नहीं है। वहीं छात्रों को तीन महीने बाद होने वाले इन बचे पेपरों के लिए लय भी तलाशनी होगी। कोरोना के मद्देनजर विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन के मुताबिक परीक्षार्थियों को अपने साथ पारदर्शी बोतल में सैनिटाइजर लाना होगा। मास्क पहनने के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी करना होगा। 100 से अधिक परीक्षार्थियों वाले परीक्षा केंद्र में छात्रों को परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले पहुंचना होगा, ताकि उनकी थर्मल स्क्रीनिंग समय से पूरी की जा सके। सीईओ पुरोहित ने बताया कि पुराने या फटे मास्क होने पर विभाग परीक्षा केंद्र में परीक्षार्थियों को मास्क उपलब्ध कराएगा।