चंपावत में भेषज संघ की बैठक में चर्चता करते अध्यक्ष और बोर्ड सदस्य।
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जड़ीबूटी भेषज संघ बोर्ड अपनी अनदेखी से बेहद नाराज है। बुधवार को अध्यक्ष एडवोकेट अशोक चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सदस्यों ने सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित किया। कहा गया कि कई बार प्रस्ताव भेजे जाने के बावजूद भेषज विकास इकाई के निबंधक कार्यालय की ओर से इन प्रस्तावों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। सदस्यों ने इसे बोर्ड की अवमानना बताते हुए नाराजगी जताई।
बोर्ड 2018-19 के शुरू में नए भवन का निर्माण, कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के अनुरूप वेतन, एक कर्मी के वेतन में संशोधन संबंधी प्रस्ताव भेज चुका है, लेकिन इन प्रस्तावों पर उच्च स्तर से कोई कार्यवाही नहीं करने की बात कही गई है। बैठक में पुराने जीर्णशीर्ण भवन को डिस्मेंटल कर नया भवन बनाने का प्रस्ताव फिर से पारित किया गया।
नई नर्सरी विकसित करने, पॉलीहाउसों के विस्तार, जड़ीबूटी काश्तकारों के लिए विदोहन की सरल नीति, विपणन की कारगर व्यवस्था के अलावा भेषज संघ को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए भेषज भवन के साथ बारातघर बनाने की मांग की गई। तय किया गया कि जड़ीबूटी विकास के लिए 2019-20 की जिला योजना में भेषज संघ को अधिक धन की मांग की जाएगी। सचिव कमलेंद्र यादव के संचालन में हुई बैठक में जड़ीबूटी जिला समन्वयक राकेश वर्मा, उपाध्यक्ष माया देवी, संचालक डॉ.कुंदन सिंह बोहरा, हीरा सिंह, गिरधर राम, किशोर पांडेय, कुंदन राणा, धुरा सहकारी समिति के अध्यक्ष महेश चौड़ाकोटी मौजूद थे।
जर्जर हाल में है भेषज संघ का कार्यालय भवन
चंपावत भेषज संघ की मौजूदा इमारत बेहद जीर्णशीर्ण है। यह भवन भीतर और बाहर दोनों ओर से बुरी तरह से जर्जर और खतरनाक है। खुद अध्यक्ष एडवोकेट अशोक चौधरी का कहना है कि भवन की जर्जर दीवार और छत से काम कर रहे कर्मियों के लिए भी खतरा है। लिंटर से लेकर दीवारों की छत तक का सीमेंट अधिकांश जगहों से उखड़ चुका है।