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पंचेश्वर में भाखड़ा नंगल से भी बड़ा बांध बनेगा 

Sat, 25 Feb 2017 08:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
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पंचेश्वर में भाखड़ा नंगल से भी बड़ा बांध बनेगा - फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय के सचिव अमरजीत सिंह ने शनिवार को भारत और नेपाल के बीच प्रस्तावित पंचेश्वर बांध परियोजना क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना क्षेत्र में तैनात वापकोस कंपनी के अधिकारियों के साथ स्थानीय ग्रामीणों से भी वार्ता की।
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कहा कि पंचेश्वर में भाखड़ा नंगल बांध से भी बड़ा बांध बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल के बीच गठित संयुक्त उपक्रम के साथ पर्यावरण मंत्रालय की टीम ने प्रस्तावित बांध क्षेत्र में भौगोलिक सर्वे शुरू कर दिया है। सर्वे की रिपोर्ट के बाद बांध की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। नेपाल सरकार की सहमति के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा।

 पंचेश्वर बांध परियोजना के सीईओ महेंद्र बहादुर गुरूंग ने बताया परियोजना को जल्द शुरू किए जाने का प्रयास किया जा रहा है। दोनों देश के अधिकारी प्रोजेक्ट को जल्द शुरू करने के लिए एक-दूसरे का सहयोग कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान डीएम डा. अहमद इकबाल सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी और कार्यदायी संस्था के कर्मचारी-अधिकारी मौजूद रहे।
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भारत के 24 और नेपाल के 11 गांव होंगे विस्थापित 
पंचेश्वर बांध के निर्माण से भारत के 24 और नेपाल के 11 राजस्व गांवों के ग्रामीणों का विस्थापन होगा। बांध की जद में भारत का 2.7 लाख हेक्टेयर और नेपाल का 1.70 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल डूब क्षेत्र में आएगा। बांध निर्माण से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बीस हजार से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। उन्होंने बताया बांध प्रभावित गांवों के लोगों के विस्थापन के लिए राज्य सरकार की ओर से कार्ययोजना तैयार की जाएगी। विस्थापितों को सभी बुनियादी सुविधाओं से युक्त स्थान पर विस्थापित किया जाएगा।

बांध से 5040 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा
चंपावत। केंद्रीय सचिव अमरजीत सिंह के अनुसार पंचेश्वर और इसके रेग्यूलेटिंग बांध रूपालीगाढ़ से 5040 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाएगा। पंचेश्वर बांध से 4800 मेगावाट और रूपालीगाढ़ में 240 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाएगा। इसके अलावा दोनों देशों की कृषि योग्य भूमि के लिए सिंचाई का पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा।
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