एक ओर क्षेत्र में पेयजल के लिए हाहाकार मचा है, वहीं सरकारी पेयजल योजना से विहीन सुंई चौबे गांव में भगवती नौला यहां के लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इस भीषण गर्मी में भी इस नौले में लबालब पानी है। इस नौले के पानी से नियमित रूप से मां भगवती और आदित्य महादेव का जलाभिषेक किया जाता है।
पूर्व में गांव के सभी लोग इसी नौले का पानी पीते थे, बाद में कई लोगों ने अपने हैंडपंप खुदवा लिए। इस वक्त यह नौला करीब 30 परिवारों के लोगों की प्यास बुझाता है। इस नौले की सबसे खास बात यह है कि यह नौला सालभर पानी से भरा रहता है। मौसम और तापमान के उतार-चढ़ाव का नौले के पानी पर कोई असर नहीं पड़ता है।
नौले के पानी में कोई अंतर नहीं देखा
गांव के 85 वर्षीय दुर्गादत्त चौबे का कहना है कि बुजुर्गों से सुना था कि हमने जिंदगी भर इस नौले में पानी की कोई कमी नहीं देखी। गर्मी या सर्दी में पानी के स्तर में कभी कोई उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया। पानी को समय के अनुसार ठंडा और गर्म होते देखा, लेकिन इसकी शीतलता और मिठास साल भर एक जैसी रहती है।
शुद्धता का खास ध्यान रखा जाता
भगवती मंदिर के पुजारी नारायण दत्त चौबे का कहना है कि नौले के जल से वर्षों पूर्व से नित्य मां भगवती और आदित्य महादेव का जलाभिषेक किया जाता रहा है। ग्रामीण नौले से पानी को शुद्धता के साथ भरते हैं।
संकट का निवारण है नौला
क्षेत्र पंचायत के पूर्व सदस्य भुवन चौबे का कहना है कि भगवती नौले के चलते गांव के लोगों को किसी प्रकार की पेयजल की दिक्कत नहीं होती है। वर्षभर नौले में लबालब शीतल पेयजल भरा रहता है। इससे लोगों को काफी राहत मिलती है।