चंपावत। जिला मुख्यालय से लगे गांव ढकना बडोला में बाघ की मौत के मामले में जांच कमेटी का गठन किया गया है। डीएफओ नवीन पंत ने बताया कि मृत बाघ की लंबाई पूछ सहित 220 सेमी, ऊंचाई 89 सेमी और गर्दन की गोलाई 58 सेमी नापी गई। बाघ की मृत्यु लगभग 24 घंटे पूर्व हुई है।
बताया कि बाघ के आगे के दाहिने पंजे के सभी नाखून सुरक्षित पाए गए, लेकिन बाएं पंजे के नाखून गायब मिले और पीछे के बाएं पंजे के दो नाखून सुरक्षित मिले जबकि पीछे के दाएं पंजे का एक नाखून सुरक्षित मिला।
वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जेपी यादव और डॉ. वैशाली साह ने बाघ का शव विच्छेदन किया था। बाघ के विभिन्न अंगों का सैंपल विसरा जांच और डीएनए जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।
जांच उप प्रभागीय वनाधिकारी नेहा सौन को सौंपी गई है। बाघ की मौत का वास्तविक कारण विसरा जांच, डीएनए जांच परिणाम और पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद पता चलेगी। उप प्रभागीय वनाधिकारी नेहा ने बताया कि पूरे देश में रॉयल बंगाल टाइगर ही पाए जाते हैं। इसका वैज्ञानिक नाम पैंथर टाइगर। आम भाषा में इसे टाइगर की कहा जाता है।